पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फिर विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने बयान से यह साफ कर दिया है कि अमेरिकी सैनिक होर्मुज में नहीं उतरेंगे. ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को तेल की जरूरत है, वो खुद होर्मुज में जाए. दरअसल, जंग के दौरान जब ईरान ने फारस और ओमान की खाड़ी के बीच होर्मुज को क्लोज किया तो अमेरिका ने यहां सैन्य ऑपरेशन चलाने की तैयारी शुरू की. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसको लेकर खुद कई दौर की मीटिंग की. आखिर में ट्रंप ने यहां नहीं जाने का फैसला किया.
जानकारों का कहना है कि ईरान का होर्मुज अमेरिकी सैनिकों के लिए मौत का कुआं साबित हो सकता है. यह बात ट्रंप भली-भांति जानते हैं. यहां थोड़ी सी चूक ट्रंप की सियासत को खतरे में डाल सकती है.


