दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है. कोर्ट ने 8 हफ्ते के अंदर सभी आवारा कुत्तों को डॉग शेल्टर में रखने का आदेश दिया है. जिसको लेकर डॉग लवर्स ने नाराजगी जाहिर की है. वहीं ये मुद्दा अब सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लोगों की राय जानी जिसमें अलग-अलग बातें सामने आईं.
आवारा कुत्तों के आतंक पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में आपकी राय क्या है?…
हटाने के आदेश सही हैं
डॉग शेल्टर बनाना बेहतर होगा
अन्य समाधान खोजना चाहिए
अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
इन सवालों को लेकर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं. कुछ लोगों ने कोर्ट के फैसले का समर्थन किया तो कुछ ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की है. सबसे पहले बात करते हैं कि कोर्ट के फैसले का समर्थन करने वालों की तो उनका कहना है कि ये बिल्कुल सही फैसला है. उनका कहना है कि अगर कुत्ते शेल्टर में रहेंगे तो अच्छी तरह से देखभाल होगी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन
वहीं मनोज गर्ग नाम के एक यूजर ने कहा कि किसी भी गली मोहल्ले या सड़क पर चले जाओ कुत्तों के झुंड के झुंड घूमते रहते हैं आने जाने वालों पर भोगते हैं. देश में हजारों लोगों को एक दिन में कुत्ते काट लेते हैं. उन्होंने कहा कि सड़कों पर एक्सीडेंट से कई कुत्ते मर जाते हैं ऐसे में शेल्टर हाउस में ये कुत्ते रहेंगे तो वहां सुरक्षित रहेंगे. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जिसे भी कुत्तों को कुछ खिलाना है, उनकी देखभाल करना है तो वो शेल्टर हाउस में जाकर दान दक्षिणा दे सकते हैं.

वहीं एक अन्य ने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़कर एक ही जगह रखना चाहिए और उनकी नसबंदी अवश्य की जाए. उन्हें ऐसे आवारा सड़कों या शहरों में छोड़ना उचित नहीं. उन्होंने कहा कि बीमारी भी फैलती है और एक्सीडेंट अलग होते हैं और कई बार कुत्ते हमला करके किसी को काट खाते हैं इसलिए इनको पकड़ कर बाड़े में ही डालना अच्छा है.

कुछ लोगों ने जताया विरोध
वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने कोर्ट के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे गलत निर्णय बताया.एश्वर्या नाम की एक यूजर ने कहा कि ‘डॉग्स दिल्ली वासी है जिस तरह दूसरे लोग हैं, उनका भी उतना ही हक है दिल्ली पर जितना दिल्ली वासियों का’.

एक अन्य ने सवाल किया ‘उन लोगों का क्या जो जंगली जानवरों के घरों को नष्ट कर रहे हैं और वहां अपनी बस्तियां स्थापित कर रहे हैं?. एक अन्य ने कहा ‘जब हम ही कारण हैं, तो हम उन्हें सज़ा कैसे दे सकते हैं? कुत्तों को नहीं, अपराधियों को पकड़ना चाहिए. वहीं एक अन्य ने कहा कि एक की सजा सभी कुत्तों को नहीं दे सकते.

इसके अलावा एक अन्य ने कहा कि सबसे पहले दिल्ली में जेबकतरों को पकड़ने की ज़रूरत है. तो वहीं बबलू नाम के एक यूजर ने कहा कि उनके हिसाब से सुप्रीम कोर्ट को इसके लिए कोई दूसरा उपाय निकालना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं. कोर्ट ने आदेश दिया कि आठ हफ्तों के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर डॉग शेल्टर में रखा जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने साफ किया कि कोई भी कुत्ता वापस नहीं छोड़ा जाएगा. कोर्ट ने कहा है कि जो भी विभाग इन आवारा कुत्तों को पकड़ने का काम करेगा. वह हर दिन का रिकॉर्ड रखेगा कितने आवारा कुत्तों को एक दिन में पकड़ा गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर शेल्टर में कम से कम 5,000 कुत्तों को रखने की क्षमता होनी चाहिए और वहां नसबंदी के साथ ही टीकाकरण की सुविधा के साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं. सभी पकड़े गए कुत्तों को रिकॉर्ड रखना होगा. कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल हमें दिल्ली-NCR को आवारा कुत्तों से मुक्त करना है. यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए कि बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सड़कों पर सुरक्षित रहें और उन्हें रेबीज का खतरा न हो.



