“जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वो आपकी क्या करेगा?” राम मंदिर विवाद पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से मचा बवाल

“जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वो आपकी क्या करेगा?” राम मंदिर विवाद पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से मचा बवाल

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का एक बयान नया राजनीतिक और धार्मिक विवाद खड़ा कर गया है। अयोध्या में कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले की जांच जहां एसआईटी कर रही है, वहीं इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम को लेकर ऐसा बयान दिया, जिस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में स्वामी प्रसाद मौर्य कहते नजर आ रहे हैं कि मंदिर में करोड़ों रुपये का चढ़ावा और कीमती धातुएं कथित तौर पर गायब हो गईं, लेकिन भगवान राम उन लोगों को सजा नहीं दे पाए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह किसी और की रक्षा कैसे करेगा?” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर धार्मिक संगठनों तक बहस तेज हो गई है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच आया बयान

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान प्रबंधन को लेकर उठे आरोपों की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंदिर और आस्था से जुड़े सवाल उठाए।

उनका कहना था कि यदि मंदिर परिसर में कथित तौर पर चोरी या गड़बड़ी हुई है, तो यह श्रद्धालुओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि उन्होंने अपनी बात रखते हुए भगवान राम की भूमिका को लेकर जो टिप्पणी की, उसी ने विवाद को जन्म दे दिया।

साधु-संतों ने जताई कड़ी आपत्ति

स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान के सामने आने के बाद कई साधु-संतों और धार्मिक संगठनों ने नाराजगी जाहिर की है। कुछ संतों ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला बयान बताया।

महामंडलेश्वर विष्णुदास ने बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां सनातन परंपरा और राम भक्तों की भावनाओं के खिलाफ हैं। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य की आलोचना करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।

पहले भी विवादों में रहे हैं स्वामी प्रसाद

यह पहला मौका नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य अपने किसी बयान को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे रामचरितमानस, सनातन धर्म और हिंदू धार्मिक ग्रंथों को लेकर दिए गए बयानों के कारण राजनीतिक और सामाजिक विवादों के केंद्र में रहे हैं।

रामचरितमानस पर उनकी टिप्पणी को लेकर कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए थे और उनके खिलाफ विभिन्न स्थानों पर शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं।

जांच पर टिकी हैं सबकी निगाहें

फिलहाल राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच जारी है और एसआईटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान जांच से अलग एक नया विवाद खड़ा कर गया है।

अब देखने वाली बात होगी कि इस बयान पर राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों और आम श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में किस दिशा में जाती है। वहीं, चढ़ावा मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।