स्वाति मारपीट मामले में विभव पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- क्या गुंडों को रखने के लिए है CM आवास?

स्वाति मारपीट मामले में विभव पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- क्या गुंडों को रखने के लिए है CM आवास?

स्वाति मालीवाल संग मारपीट मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल के पूर्व सचिव विभव कुमार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि उनको शर्म नहीं आई। वह एक महिल है। हम कॉन्ट्रैक्ट किलर, हत्यारों को भी जमानत देते हैं। लेकिन इस मामले में किस तरह से नैतिकता को ताक पर रख दिया गया।

दरअसल स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले में आरोपी बिभव कुमार की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने केस पर बड़ी टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “महिला से गलत बर्ताव पर क्या शर्म नहीं आई. कोर्ट ने पूछा कि क्यों कोई बिभव कुमार के खिलाफ गवाही देगा? क्या आवास गुंडों को रखने के लिए है? जब बिभव कुमार निजी सचिव के पद पर नहीं थे, तो वो सीएम आवास में क्या कर रहे थे? वहां क्यों थे?

 न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कुमार से पूछा कि क्या मुख्यमंत्री के आवास पर व्यवहार करने का यही तरीका है।  क्या यह एक निजी आवास है। यह मुख्यमंत्री का निवास है। आप ऐसा कहना चाहते हैं जैसे कि एक गुंडा आवास में घुस गया और आप सुरक्षा करना चाहते थे। आपने एक महिला के साथ मारपीट की है।

कुमार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने अदालत को एमएलसी रिपोर्ट के बारे में बताया जिसमें चोटों की प्रकृति को गैर-खतरनाक साधारण चोटें बताया गया है। दो चोट के निशान, एक दाहिने गाल पर और एक बायें पैर के ऊपर..घटना 13 मई की है और एफआईआर 16 मई को दर्ज हुई है, एफआईआर की कहानी बहुत अजीब है..वह पुलिस स्टेशन गई थी पहले दिन और एफआईआर दर्ज नहीं की। जवाब में पीठ ने कहा कि घटना के तुरंत बाद की गई आपातकालीन कॉल के बारे में क्या…अगर किसी पर हमला हुआ है और वह आपातकालीन नंबर पर कॉल कर रहा है। आपको एक महिला से ऐसा बर्ताव करते शर्म नहीं आई? हम कॉन्ट्रैक्ट किलर, हत्यारों को भी जमानत देते हैं लेकिन इस मामले में, किस तरह की नैतिक दृढ़ता है।