लोकसभा में मंगलवार को लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 यानी पेपर लीक विरोधी बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पर तीखा हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने युवाओं, परीक्षा व्यवस्था और नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए सरकार का पक्ष रखा।
राहुल गांधी पर ‘Political FOMO’ वाला तंज
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि जब छात्र पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे थे, तब राहुल गांधी “Political FOMO” (कुछ छूट जाने का डर) से जूझ रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए, जबकि छात्रों को राजनीति नहीं बल्कि ठोस समाधान चाहिए।
‘युवाओं को राजनीति नहीं, निष्पक्ष परीक्षा चाहिए’
सूर्या ने कहा कि देश के युवाओं की सबसे बड़ी चिंता यह है कि भविष्य की परीक्षाएं पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद हों। उनके मुताबिक शिक्षा आम परिवारों के बच्चों के लिए सामाजिक और आर्थिक उन्नति का सबसे बड़ा माध्यम है, इसलिए परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
नई शिक्षा नीति का किया बचाव
बीजेपी सांसद ने कहा कि कई छात्र आठवीं कक्षा से ही NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देते हैं और कोटा जैसे शहरों में वर्षों तक रटकर पढ़ाई वाली व्यवस्था का हिस्सा बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) इस व्यवस्था को बदलने, आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने और बहु-विषयक शिक्षा प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
पेपर लीक पर सरकार का पक्ष रखा
तेजस्वी सूर्या ने पेपर लीक को छात्रों के विश्वास के साथ बड़ा धोखा बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “पाप” बताया और मामले में तुरंत CBI जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने जैसे कदम उठाए। उनके मुताबिक, लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 इसी सुधार प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
विपक्ष से सहयोग की अपील
अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष से इस विधेयक पर रचनात्मक सहयोग देने की अपील की और कहा कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी दलों को साथ आना चाहिए।



