तेलंगाना में बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करने वालों की अब खैर नहीं है. बुढ़ापे में बच्चे ही सहारा होते हैं, लेकिन अब ढेरों ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें बुजुर्ग माता-पिता को या तो वृद्धा आश्रम में छोड़ दिया जाता है या फिर उनको उनके ही हवाले पर छोड़ दिया जाता है. लेकिन अब तेलंगाना में ऐसा संभव नहीं होगा.
तेलंगाना सरकार ऐसे लोगों के लिए एक कानून लाने वाली है. तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने ऐलान किया है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करता है तो उनके वेतन का 10 से 15 फीसदी सीधे उनके माता-पिता के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा. यानी अब तेलंगाना के सरकारी कर्मचारी अपने बूढ़े मां-बाप को बेसहारा नहीं छोड़ पाएंगे. सरकार ने उनके रिश्तों का ऑडिट शुरू कर दिया है.


