दिल्ली की सियासत में इन दिनों खूब ड्रामा चल रहा है। 28 साल बाद सत्ता में आई बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट को यादगार बनाने के लिए नया तड़का लगाया। केंद्र सरकार की बजट हलवे वाली परंपरा को कॉपी करते हुए दिल्ली में बजट का आगाज खीर से किया गया। जी हां, दिल्ली विधानसभा के इतिहास में पहली बार बजट से पहले खीर बंटी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़े गर्व से कहा कि जैसे खीर में मिठास होती है, वैसे ही दिल्ली का विकास होगा। सत्ता पक्ष इसे ऐतिहासिक कदम बता रहा है, लेकिन विपक्षी नेता और पूर्व सीएम आतिशी ने तंज कसते हुए कह डाला, “बजट खीर से नहीं, इकोनॉमिक सर्वे से बनता है।”
खीर से शुरू हुआ बजट का खेल
दिल्ली में बीजेपी की नई-नवेली सरकार ने सोचा कि बजट को कुछ अलग अंदाज में पेश किया जाए। तो बस, केंद्र की हलवा सेरेमनी से इंस्पिरेशन लेते हुए खीर का आइडिया आ गया। विधानसभा में बजट सत्र शुरू होने से पहले खीर की कटोरियां बंटीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “खीर की मिठास दिल्ली की जनता तक पहुंचेगी। ये बजट भी ऐसा ही शानदार होगा।”
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा तो इतने जोश में आ गए कि खीर की कटोरी लेकर सीधे विधानसभा अध्यक्ष वीजेंद्र गुप्ता के पास पहुंच गए। दोनों ने एक-दूसरे को खीर खिलाई और फोटो खिंचवाई। सिरसा ने TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए कहा, “जैसी खीर मीठी है, वैसा ही हमारा बजट होगा। जनता तक इसकी मिठास जरूर पहुंचेगी।” सत्ता पक्ष के लोग इसे दिल्ली की तरक्की का नया चैप्टर बता रहे हैं।
लेकिन विपक्ष को ये खीर वाला ड्रामा कुछ रास नहीं आया। नेता विपक्ष आतिशी ने तुरंत सरकार पर हमला बोला और पूछ डाला कि खीर बांटने से बजट बन जाता है क्या?
आतिशी का सरकार पर हमला: ‘इनको सरकार चलानी आती भी है?’
आतिशी ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “बजट खीर से नहीं, इकोनॉमिक सर्वे से बनता है। बिना इकोनॉमिक सर्वे के ये लोग बजट कैसे ला सकते हैं? इनको सरकार चलानी आती भी है या नहीं?” उनका इशारा साफ था कि बीजेपी की नई सरकार बिना तैयारी के बजट ला रही है।
आतिशी का कहना था कि इकोनॉमिक सर्वे एक जरूरी डॉक्यूमेंट होता है, जो ये बताता है कि राज्य की आर्थिक हालत क्या है, कहां खर्च करना है, और कहां से पैसा आएगा। लेकिन बीजेपी सरकार ने अभी तक सर्वे पेश नहीं किया। आतिशी ने तंज कसते हुए कहा, “खीर बांटने से दिल्ली का विकास नहीं होगा। इसके लिए प्लानिंग चाहिए, जो इनके पास दिख नहीं रही।”
विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी सिर्फ दिखावे में लगी है और जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए खीर जैसे ड्रामे कर रही है।
रेखा गुप्ता का जवाब: ‘ऑडिट के बाद सब आएगा’
आतिशी के तंज का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सफाई दी। उन्होंने कहा, “अभी कुछ विभागों का ऑडिट पूरा नहीं हुआ है। ऑडिट के बाद न सिर्फ इकोनॉमिक सर्वे आएगा, बल्कि हम श्वेत पत्र भी लाएंगे।” उनका कहना था कि सरकार जल्दबाजी में कुछ नहीं करना चाहती। पहले सारी चीजें साफ हो जाएं, फिर पूरा प्लान जनता के सामने आएगा।
रेखा गुप्ता ने ये भी कहा कि विपक्ष को सिर्फ शोर मचाने की आदत है। “हमारा फोकस दिल्ली की जनता पर है। खीर बस एक शुरुआत है, असली मिठास बजट में दिखेगी।” सत्ता पक्ष का दावा है कि उनका बजट गेमचेंजर साबित होगा।
बजट सत्र का पहला दिन: हंगामा और वाकआउट
बजट सत्र का पहला दिन शांत तो बिल्कुल नहीं रहा। विधानसभा में खूब हंगामा हुआ। विपक्ष ने खीर और इकोनॉमिक सर्वे को लेकर सरकार को घेरा। आतिशी और उनके विधायकों ने सवाल उठाए कि बिना सर्वे के बजट लाना कितना जायज है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
हंगामा इतना बढ़ा कि विपक्ष ने दो बार सदन से वाकआउट किया। विधायकों ने नारेबाजी की और सरकार पर दिखावे का आरोप लगाया। उधर, बीजेपी विधायकों ने विपक्ष पर बेवजह शोर करने का इल्जाम लगाया। कुल मिलाकर, पहले दिन खीर की मिठास कहीं नहीं दिखी, बल्कि सियासी कड़वाहट ही हावी रही।
मंगलवार को बजट, क्या होगा आगे?
अब सबकी नजर मंगलवार पर है, जब दिल्ली का बजट पेश होगा। सत्ता पक्ष का दावा है कि ये बजट दिल्ली के लिए मील का पत्थर साबित होगा। लेकिन विपक्ष इसे पहले ही फ्लॉप बता रहा है। आतिशी ने कहा, “बिना सर्वे के बजट सिर्फ जुमलों का पुलिंदा होगा। जनता को इससे कोई फायदा नहीं मिलेगा।”
दूसरी तरफ, रेखा गुप्ता और उनकी टीम का कहना है कि बजट में दिल्ली की जनता के लिए कई बड़ी घोषणाएं होंगी। खीर की मिठास का असली टेस्ट तो बजट आने के बाद ही पता चलेगा। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये मिठास जनता तक पहुंचेगी, या फिर सियासी आरोप-प्रत्यारोप में दबकर रह जाएगी?
सियासी खीर में कौन डालेगा तड़का?
दिल्ली की सियासत में खीर वाला ये ड्रामा अभी खत्म होने वाला नहीं है। बीजेपी इसे अपनी जीत का जश्न बता रही है। 28 साल बाद सत्ता में आने की खुशी में खीर बांटना उनके लिए एक नई शुरुआत है। लेकिन विपक्ष इसे बेकार का तमाशा करार दे रहा है।
मनजिंदर सिंह सिरसा और वीजेंद्र गुप्ता जैसे नेता खीर खिलाकर खुशियां बांट रहे हैं, वहीं आतिशी इसे सरकार की नाकामी का सबूत बता रही हैं। रेखा गुप्ता ने ऑडिट और श्वेत पत्र का वादा किया है, लेकिन विपक्ष का सवाल है कि बिना तैयारी के बजट लाने की क्या जरूरत थी?