सावन के पवित्र अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच सोमवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। महाकाल परिसर स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लगी कतार में करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। नीलकंठ द्वार के पास हुई इस घटना में करीब 6 श्रद्धालु घायल हो गए। वहीं, हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। सभी घायलों और बीमार श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद कुछ देर के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित कर लिया।
करंट की अफवाह से बिगड़े हालात, नीलकंठ द्वार पर मची अफरा-तफरी
सोमवार सुबह नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात से ही कतार में खड़े थे। इसी दौरान कतार में करंट फैलने की अफवाह फैल गई, जिसके बाद लोगों में अचानक घबराहट फैल गई।
नीलकंठ द्वार के पास श्रद्धालुओं ने तेजी से आगे-पीछे होने की कोशिश की और देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी अफरा-तफरी में कई लोग गिर पड़े, जबकि कुछ बैरिकेड्स से टकरा गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस घटना में करीब छह लोग घायल हुए।
घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए चरक अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
बैरिकेड्स से टकराने पर कई लोगों को आई चोट
घायलों में उज्जैन, ग्वालियर, गुजरात और बिहार समेत अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें हरिश्चंद्र, जो गुजरात के वापी के सिलवासा क्षेत्र के रहने वाले हैं, उनके पैरों में बैरिकेड्स से टकराने के कारण गंभीर चोट आई।
इसके अलावा सोनम, सुजीत कुमार, खुशी, लक्ष्मीबाई, हिंदूबाई, अनसूया, ममता, तुलसी और रेखाबाई समेत अन्य श्रद्धालुओं को भी चोटें आईं या तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दूसरी ओर हरसिद्धि मंदिर के सामने बने बैरिकेडिंग क्षेत्र में भी भीड़ का दबाव बढ़ने से 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें भी तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
ग्वालियर से दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु सुरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि वह अपनी भतीजी सोनम राणा के साथ रात से लाइन में लगे थे। उनके मुताबिक कतार में बार-बार आम श्रद्धालुओं को रोका जा रहा था, जबकि वीआईपी दर्शन जारी थे।
उन्होंने कहा कि जब अचानक भीड़ को आगे बढ़ने की अनुमति मिली तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कई लोगों की तबीयत खराब हो गई। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
वहीं अस्पताल में भर्ती एक श्रद्धालु की मां मीनू ने बताया कि हरसिद्धि चौराहे के पास उनका बेटा बैरिकेड के नीचे दब गया था। उनके अनुसार उस समय भगदड़ जैसी स्थिति थी और बाद में एक व्यक्ति ने उसे उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा, दर्शन व्यवस्था फिर हुई सामान्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित किया और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की।
प्रशासन के अनुसार फिलहाल महाकाल परिसर और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था दोबारा सुचारू कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
सावन के दौरान महाकाल मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार विशेष निगरानी रखी जा रही है।


