यूपी बार काउंसिल चुनाव की मतगणना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। प्रयागराज में जारी काउंटिंग के ताजा रुझानों में बरेली के श्रीश कुमार मेहरोत्रा सबसे आगे निकलकर उभरे हैं। वहीं, दूसरी ओर कई जिलों में बड़ी संख्या में अवैध वोट सामने आने से चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह सिर्फ नतीजों की दौड़ नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की एक अहम परीक्षा भी बन गई है।
बरेली से मजबूत बढ़त, श्रीश मेहरोत्रा आगे
अब तक की गिनती के मुताबिक, बरेली के श्रीश कुमार मेहरोत्रा 1721 वोट हासिल कर सबसे आगे चल रहे हैं। उनके बाद लखनऊ के जयनारायण पांडेय 871 वोटों के साथ शीर्ष दावेदारों में बने हुए हैं।

मतगणना का यह रुझान बताता है कि बरेली क्षेत्र का इस चुनाव में खासा प्रभाव है। शुरुआती बढ़त ने यह संकेत दे दिया है कि मुकाबला भले बहुकोणीय हो, लेकिन कुछ उम्मीदवार स्पष्ट बढ़त बनाने में सफल रहे हैं।
अवैध वोटों ने बढ़ाई चिंता
इस चुनाव की एक बड़ी कहानी अवैध मतों की संख्या भी है। बरेली जिला मुख्यालय में डाले गए 2137 वोटों में से 108 वोट अमान्य पाए गए। वहीं आंवला में 191 वोटों में 12 अवैध निकले।
शनिवार को खोली गई अन्य मतपेटियों में भी यही रुझान देखने को मिला। बहेड़ी में 233 में 17, फरीदपुर में 1105 में 9 और नवाबगंज में 141 में 8 वोट अमान्य घोषित किए गए। बस्ती में तो यह संख्या और ज्यादा रही, जहां 1387 में से 73 वोट अवैध पाए गए।
यह आंकड़े बताते हैं कि मतदाता जागरूकता और मतदान प्रक्रिया को लेकर अभी भी सुधार की जरूरत बनी हुई है।
धीरे-धीरे पूरी हो रही मतगणना
मतगणना का काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को बरेली जिला अदालत और आंवला क्षेत्र की गिनती पूरी की गई थी। शनिवार को आउटलाइंग (मुंसिफ) कोर्ट और बस्ती के वोटों की गिनती खत्म हुई।
अब भदोही जिले के मतों की गिनती शुरू हो चुकी है, जिससे आने वाले समय में नतीजों की तस्वीर और साफ होगी।
नतीजों के साथ उठ रहे बड़े सवाल
इस चुनाव ने दो समानांतर तस्वीरें सामने रखी हैं। एक तरफ कुछ उम्मीदवारों की मजबूत पकड़ दिख रही है, तो दूसरी ओर अवैध वोटों की संख्या ने प्रक्रिया की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल, सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं। क्या श्रीश कुमार मेहरोत्रा अपनी बढ़त को जीत में बदल पाएंगे, यह जल्द साफ होगा। लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव ने बार काउंसिल की राजनीति के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया पर भी नई बहस छेड़ दी है।


