उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी एक साल का वक्त है, लेकिन राज्य में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) अभी से चुनावी तैयारियों में लग गई और सामाजिक समीकरण साधने में जुट गई है. बताया जा रहा है कि अगले महीने अप्रैल के मध्य तक यूपी में 2 बड़े फैसले लिए जाने हैं और इसके जरिए वोट बैंक का खास ध्यान रखा जाएगा.
अगले महीने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट का दूसरा विस्तार और अलग-अलग आयोगों, बोर्डों तथा निगमों में सैकड़ों खाली पदों को भरा जाना, ये 2 अहम प्रक्रिया होगी. लेकिन पूरी प्रक्रिया की फाइनल लिस्ट दिल्ली में तैयार होगी. पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार संक्षिप्त लेकिन टॉरगेटेड होगा. फिलहाल राज्य में योगी कैबिनेट में छह मंत्री पद खाली हैं. इन्हें भरने के साथ कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को संगठन में भी भेजा जाएगा तो कुछ नए चेहरों को मौका भी दिया जाएगा. कुछ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल होगा, लेकिन शीर्ष स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया जाएगा. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय और सामाजिक असंतुलन को दूर करना है.


