UP Ganga Expressway: फरवरी 2026 तक पूरा होगा गंगा एक्सप्रेसवे, CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

UP Ganga Expressway: फरवरी 2026 तक पूरा होगा गंगा एक्सप्रेसवे, CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है. इसको लेकर बीते दिन रविवार को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक हाई लेवल बैठक की. इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण फरवरी 2026 तक पूरा हो जाना चाहिए.

सीएम योगी ने कहा, “मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाएं तेजी से उत्तर प्रदेश को आर्थिक समृद्धि और निवेश के एक नए केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं. इन सभी योजनाओं को टाइम पीरियड और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सरकार की पहली प्राथमिकता है.”

बैठक में सीएम योगी ने क्या-क्या कहा?

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य फरवरी 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाए. उन्होंने कहा, “594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस वे राज्य की कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक मजबूती प्रदान करेगा और औद्योगिक, कृषि और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए एक मजबूत आधार बनेगा.

बैठक में बताया गया कि यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरेगा. इससे 500 से ज्यादों गांवों को सीधे फायदा मिलेगा. सड़क की गुणवत्ता के आकलन के लिए आधुनिक तकनीकी मानकों, जैसे रफनेस इंडेक्स और राइडिंग कम्फर्ट इंडेक्स के आधार पर टेस्टिंग की जा रही है.

लोगों को मिलेगी कई सुविधाएं

गंगा एक्सप्रेसवे को बड़े ही सोच समझकर डिजाइन किया गया है. इसमें सड़क किनारे आपको कई सुविधाएं मिलेगी. इसके साथ ही विश्राम क्षेत्र, सड़क सुरक्षा सुविधाएं, साइनेज और एक्सेस-कंट्रोल सिस्टम उच्च मानकों के अनुसार विकसित किए जा रहे हैं.

जेवर एयरपोर्ट को लेकर सीएम ने दिए आदेश

सीएम योगी ने नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की समीक्षा भी की है. उन्होंने फेज-3 के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है.

सीएम ने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश एयर कार्गो हब के रूप में विकसित होगा. इसलिए इसके आगामी चरणों की तैयारी समय रहते सुनिश्चित की जाए. बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट के प्रथम चरण के संचालन से प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.