पंचायत सहायकों को बड़ी राहत: अब समय पर मिलेगा मानदेय, मोबाइल फोन देने की भी तैयारी

पंचायत सहायकों को बड़ी राहत: अब समय पर मिलेगा मानदेय, मोबाइल फोन देने की भी तैयारी

उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायकों के लिए राहत भरी खबर आई है। पंचायत सहायकों को समय पर मानदेय न मिलने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं, लेकिन अब इस समस्या के समाधान के लिए पंचायत राज विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। गोंडा जिले में जिला पंचायत राज विभाग ने सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) और एडीओ पंचायत को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि पंचायत सहायकों का मानदेय निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

इस फैसले से न सिर्फ पंचायत सहायकों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि ग्राम पंचायतों में चल रहे डिजिटल और प्रशासनिक कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

मानदेय भुगतान में देरी पर होगी जवाबदेही तय

जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) लालजी दूबे ने बताया कि पंचायती राज निदेशालय के 15 जून के निर्देशों के अनुपालन में जिले के सभी विकास खंड अधिकारियों और एडीओ पंचायत को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विकास खंड में पंचायत सहायकों के मानदेय भुगतान की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पंचायत सहायक को भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

विभाग ने साफ किया है कि भुगतान में अनावश्यक देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

पंचायत सहायकों को मिलेगा मोबाइल फोन

पंचायतों में बढ़ते डिजिटल कार्यों को देखते हुए पंचायत सहायकों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए सरकारी योजनाओं और पंचायत कार्यों का संचालन पहले से अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

निर्देशों के अनुसार ग्राम पंचायतें अपने स्वयं के संसाधनों (OSR) और वित्तीय नियमों का पालन करते हुए पंचायत सहायकों को मोबाइल फोन उपलब्ध करा सकेंगी। इससे ऑनलाइन रिपोर्टिंग, डेटा एंट्री और अन्य डिजिटल कार्यों में सुविधा होगी।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

डीपीआरओ लालजी दूबे ने कहा कि पंचायत सहायकों को समय पर मानदेय उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि किसी स्तर पर भुगतान में बाधा या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यों की गति बढ़ाने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।

सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव भी संपन्न

इसी बीच उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की तरबगंज ब्लॉक कार्यकारिणी का चुनाव भी संपन्न हुआ। चुनाव जिला स्तर के पदाधिकारियों की निगरानी में कराया गया।

तरबगंज ब्लॉक में नरसिंह नारायण पांडे लगातार आठवीं बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि भानुपाल सिंह महामंत्री चुने गए। इसके अलावा हलधरमऊ में रमेश सिंह, कटरा बाजार में हरेंद्र सिंह और परसपुर में जितेंद्र तिवारी को अध्यक्ष चुना गया। सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए।

पंचायत सहायकों के लिए समय पर मानदेय और डिजिटल सुविधाओं की दिशा में उठाए गए इन कदमों को ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।