UPSC रिजल्ट में 113वीं रैंक पर दो महिलाओं का दावा, जांच में खुला बुलंदशहर की शिखा का सच

UPSC रिजल्ट में 113वीं रैंक पर दो महिलाओं का दावा, जांच में खुला बुलंदशहर की शिखा का सच

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सिविल सेवा परीक्षा रिजल्ट के बाद एक अजीब मामला सामने आया, जब दो अलग-अलग महिलाओं ने 113वीं रैंक हासिल करने का दावा कर दिया. एक तरफ बुलंदशहर की शिखा गौतम थीं, तो दूसरी तरफ दिल्ली की रहने वाली शिखा ने भी यही दावा किया. मामला सामने आने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई. इसके बाद दिल्ली की उम्मीदवार ने UPSC को ईमेल भेजकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कराई. जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया.

6 मार्च को आए सिविल सेवा परीक्षा के रिजल्ट के बाद बुलंदशहर की रहने वाली शिखा गौतम ने दावा किया कि उन्होंने UPSC परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल की है. इस खबर से उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल बन गया. बताया गया कि रिजल्ट आने के बाद शिखा ने परिवार को अपने चयन की जानकारी दी. इस खबर से घर में जश्न शुरू हो गया और गांव के लोगों ने भी ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई. शिखा के दादा तो खुशी के कारण भावुक होकर रो पड़े थे.

दिल्ली की उम्मीदवार ने भी किया 113वीं रैंक का दावा

इसी बीच दिल्ली की रहने वाली एक अन्य शिखा ने भी कहा कि UPSC की मेरिट लिस्ट में 113वीं रैंक उन्हीं की है, उन्होंने बताया कि लिस्ट में शिखा नाम की केवल एक ही उम्मीदवार है और रोल नंबर भी उनका ही है. सोशल मीडिया पर जब उन्होंने बुलंदशहर वाली खबर देखी तो वो हैरान रह गईं. इसके बाद उन्होंने UPSC को ईमेल भेजकर इस मामले में स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की.

प्रशासन ने कराई जांच

मामले को गंभीरता से लेते हुए UPSC ने बुलंदशहर की जिलाधिकारी श्रुति को जांच के निर्देश दिए. इसके बाद जिलाधिकारी ने अतिरिक्त जिलाधिकारी (प्रशासन) के माध्यम से सदर एसडीएम दिनेश चंद्र से जांच रिपोर्ट मांगी. एसडीएम ने सदर तहसीलदार मनोज रावत को शिखा गौतम के घर भेजकर दस्तावेजों की जांच कराई.

जांच में सामने आई सच्चाई

तहसीलदार द्वारा डॉक्यूमेंट्स की जांच करने पर शिखा गौतम का दावा गलत निकला. जांच में पता चला कि वो UPSC की मुख्य परीक्षा ही पास नहीं कर पाई थीं. इस कारण उनका इंटरव्यू के लिए चयन भी नहीं हुआ था. इसके अलावा उनके डॉक्यूमेंट्स में नाम शिखा गौतम नहीं बल्कि शिखा रानी पाया गया.

परिवार ने स्वीकार की गलती

एसडीएम के अनुसार, शिखा गौतम और उनके परिवार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है. हालांकि अभी तक UPSC की ओर से यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है कि दिल्ली की शिखा ही 113वीं रैंक की वास्तविक उम्मीदवार हैं.

दिल्ली की शिखा पहले से सरकारी अधिकारी

दिल्ली की शिखा फिलहाल हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने दिल्ली से अर्थशास्त्र में स्नातक (ऑनर्स) की पढ़ाई की है, उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल की थी, लेकिन उन्होंने उसे ज्वाइन नहीं किया क्योंकि उसी वर्ष उनका चयन हरियाणा सिविल सेवा में हो गया था. मई 2025 में उन्होंने हरियाणा सरकार में ज्वाइन किया और जुलाई 2025 से सांपला में तैनात हैं.