उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की है। सीएम धामी ने इस दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान थूक जिहाद की घटनाएं दोबारा न हों। सीएन धामी ने कहा है कि श्रद्धालुओं को अशुद्ध भोजन नहीं परोसा जाना चाहिए।
थूक जिहाद पर क्या बोले सीएम धामी?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- “यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि हरिद्वार आने वाले कांवड़िये अच्छे अनुभव के साथ लौटें। कांवड़ यात्रा के दौरान पहले भी ‘थूक जिहाद’ की घटनाएं हुई हैं। मैंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
क्या है थूक जिहाद?
थूक जिहाद का शब्द बीते कुछ समय से चर्चा का विषय बना रहा है। ये शब्द सोशल मीडिया पर प्रसारित उन वीडियो को संदर्भित करता है जिसमें एक ढाबे के रसोइए को रोटी बनाते समय आटे में थूकते हुए देखा गया था। उसके अलावा एक अन्य वीडियो भी सामने आया था जिसमें एक फल विक्रेता सेबों पर थूकते हुए और बेचने से पहले उन्हें साफ करते हुए देखा गया था।
सीएम धामी ने की कांवड़ियों से ये अपील
आपको बता दें कि अगले हफ्ते से कांवड़ यात्रा की शुरुआत होने वाली है। अनेक राज्यों से लोग इस दौरान गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार आते हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबा, रेस्तरां, होटल और सड़क किनारे भोजनालय मालिकों को अपने प्रतिष्ठानों पर खाद्य लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करने का आदेश जारी किया गया है। इसका मकसद ये सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को अशुद्ध भोजन न परोसा जाए। सीएम धामी ने हरिद्वार आने वाले कांवड़ियों का स्वागत किया है। उन्होंने कांवड़ियों से नियमों का पालन करने की भी अपील की है। सीएम धामी ने तेज आवाज में डीजे बजाकर ध्वनि प्रदूषण से बचने और कांवड़ का आकार भी निर्धारित सीमा के भीतर रखने की अपील की है।