नोएडा में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उनके राष्ट्रवादी विचारों, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और सामाजिक सुधार के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। सामाजिक संगठन माय होम इंडिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कई प्रमुख वक्ताओं ने हिस्सा लिया और सावरकर के जीवन, संघर्ष तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े उनके दृष्टिकोण को वर्तमान समय के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का आयोजन नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन सभागार में किया गया, जहां समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
सावरकर के विचारों पर केंद्रित रहा पूरा आयोजन
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वातंत्र्यवीर सावरकर के जीवन और उनके योगदान को याद करना था। वक्ताओं ने कहा कि सावरकर केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि वे लेखक, विचारक, समाज सुधारक और दूरदर्शी रणनीतिकार भी थे। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को उनके राष्ट्रभक्ति, त्याग और सामाजिक चेतना से जुड़े पहलुओं से परिचित कराया गया।
मुख्य वक्ता और वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चव्हाणके ने अपने संबोधन में कहा कि सावरकर के व्यक्तित्व को लंबे समय तक सीमित दायरे में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई, जबकि उनका योगदान कई क्षेत्रों में फैला हुआ था। उन्होंने कहा कि सावरकर समाज को आत्मविश्वासी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित देखना चाहते थे। चव्हाणके ने सावरकर के उस विचार का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने “सदगुण विकृति” की मानसिकता से बाहर निकलने की बात कही थी।

सावरकर की दूरदृष्टि और स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका पर चर्चा
उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी ने कहा कि औद्योगिक नगरी नोएडा में सावरकर जयंती जैसे आयोजन युवाओं को इतिहास से जोड़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि सावरकर का जीवन आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके अनुसार सावरकर केवल क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक प्रभावशाली लेखक, पत्रकार, भाषाविद और विज्ञान आधारित सोच रखने वाले विचारक भी थे।
सैनी ने कहा कि ब्रिटिश शासन सावरकर के प्रभाव से इतना चिंतित था कि उन्हें दो-दो आजीवन कारावास की सजा दी गई। उन्होंने अंडमान की सेलुलर जेल से जुड़े सावरकर के उस दृष्टिकोण का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने भविष्य में अंडमान के सामरिक महत्व की बात कही थी।
सुनील देवधर ने गिनाए सावरकर के राष्ट्रवादी प्रयास
माय होम इंडिया के संस्थापक और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर ने कहा कि सावरकर ने हिंदू समाज में आत्मबोध और संगठन की भावना मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर की कई ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सावरकर ने युवाओं को राष्ट्र रक्षा और सैन्य सेवा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
देवधर ने कहा कि सावरकर ने इंग्लैंड में रहते हुए ब्रिटिश शासन की कार्यप्रणाली को समझा और भारतीय क्रांतिकारियों तक आवश्यक जानकारियां पहुंचाईं। उनके प्रयासों ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने में भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज भी सावरकर का राष्ट्रवादी चिंतन और राष्ट्रीय एकता का संदेश समाज के लिए प्रासंगिक है।

समाज के विभिन्न वर्गों की रही भागीदारी
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौतमबुद्ध नगर विभाग संघसंचालक सुशील, नोएडा महानगर संघचालक दिनेश गोयल, माय होम इंडिया दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष बलदेव राज सचदेव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी अरुण पासी और नोएडा संयोजक नुमल दुसाद ने कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली।
मीडिया संयोजक गिरीश पाण्डेय ने बताया कि माय होम इंडिया राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। संस्था विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत और देश के अन्य हिस्सों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाती रही है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और सावरकर के विचारों को समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



