जगदीप धनखड़ ने पिछले दिनों उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. इसमें निर्वाचक मंडल की तैयारी, रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति और पिछले चुनावों की पृष्ठभूमि सामग्री तैयार करना शामिल है. चुनाव कार्यक्रम जल्द ही घोषित किया जाएगा. यह चुनाव राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 और उसके नियमों द्वारा शासित होगा.
जल्द की जाएगी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा
भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 और उसके तहत बनाए गए नियमों, अर्थात् राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 द्वारा शासित होते है. इसके तहत भारत के चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव, 2025 से संबंधित तैयारियां शुरू करता है. तैयारी संबंधी गतिविधियां पूरी होने पर, भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा जल्द से जल्द की जाएगी.
प्रमुख पूर्व-घोषणा गतिविधियां जो पहले ही शुरू हो चुकी हैं, उनमें शामिल हैं. निर्वाचक मंडल की तैयारी जिसमें राज्यसभा और लोकसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल हैं. रिटर्निंग अधिकारी/सहायक रिटर्निंग अधिकारी(ओं) को अंतिम रूप देना और पिछले सभी उपराष्ट्रपति चुनावों पर पृष्ठभूमि सामग्री तैयार करना और उसका प्रसार करना.
कैसे होगा उपराष्ट्रपति का चुनाव?
चुनाव आयोग की ओर से उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए शुरुआती प्रक्रिया निभाए जाने के बाद अधिसूचना जारी की जा सकती है. उपराष्ट्रपति के इस्तीफे की अधिसूचना जारी होने के साथ ही उस पद को रिक्त मान लिया जाता है. ऐसे में इस पद के लिए चुनाव आयोग की ओर से तैयारी शुरू कर दी जाती है. इसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाता है.
इस चुनाव की प्रक्रिया दूसरे चुनाव जैसी ही होती है. इसमें नामांकन दाखिल करने की अवधि से लेकर नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी जैसे प्रक्रिया अपनाई जाती है. इस दौरान यदि चुनाव की स्थिति बनी तो मतदान और बाद में मतगणना आदि की प्रक्रिया भी अपनायी जाती है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को देर शाम अपने पद से इस्तीफा दिया था. उनका कार्यकाल अभी 2027 तक था.



