बीजेपी की हार के पीछे पार्टी का नया दफ्तर जिम्मेदार, ज्योतिषाचार्य ने किया बड़ा दावा

पांच राज्यों के चुनाव में बीजेपी की हार के बाद ज्योतिषाचार्यों का दावा है कि बीजेपी दफ्तर में वास्तुदोष है, जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हो रहा है। आचार्य शैलेष का दावा है कि बीजेपी 2019 में भी चुनाव हार सकती है।

बीजेपी ने मोदी सरकार आने के बाद देश भर के न सिर्फ जिला मुख्यालयों में नव निर्माण कराया। बल्कि केंद्रीय मुख्यालय को भी 11-अशोक रोड से 6-दीनदयाल मार्ग पर शिफ्ट किया।  बीजेपी नए आलीशान दफ्तर में तो आ गई लेकिन जीत का मुंह देखने के लिए तरस रही है।

बीजेपी का ये नया दफ्तर आधुनिक, सुविधाओं से लैस है, करोड़ों का ये दफ्तर देखने में किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है। 18 फरवरी 2018 को इस नए दफ्तर का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया था।

अमित शाह ने विश्व के सबसे आधुनिक राजनीतिक पार्टी का दफ्तर करार दिया। वहीं नरेंद्र मोदी ने दफ्तर का उद्घाटन करते हुए कहा था कि नए युग में राजनीति करनी है तो आधुनिक राजनीति के लिए नए युग के संसाधनों की जरूरत है। इसीलिए पार्टी ने दफ्तर को रिकॉर्ड समय में इसे कंपलीट किया है।

पुराना बीजेपी दफ्तर 6, अशोक रोड
पुराना बीजेपी दफ्तर 6, अशोक रोड

वहीं पांच राज्यों के चुनाव में बीजेपी की हार के बाद ज्योतिषाचार्यों का दावा है कि बीजेपी दफ्तर में वास्तुदोष है, जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हो रहा है। आचार्य शैलेश का दावा है कि बीजेपी 2019 में भी चुनाव हार सकती है।

कैसा हो राजनीतिक पार्टी कार्यालय का वास्तु

आचार्य शैलेष तिवारी, वैदिक तांत्रिक गुरु
आचार्य शैलेश तिवारी, वैदिक तांत्रिक गुरु

आचार्य शैलेश तिवारी, वैदिक तांत्रिक गुरु के मुताबिक पार्टी के अध्यक्ष का कमरा जमीन से जुड़ा होना चाहिए। अमित शाह का दफ्तर छठवें फ्लोर पर है।

पार्टी का कार्यालय समतल जमीन से ऊपर नहीं होना चाहिए। जबकि बीजेपी का दफ्तर कुछ फीट ऊपर है। जमीन से करीब दफ्तर का होना जनमानस से जुड़ाव का घोतक है।

11 अशोक रोड में बीजेपी ने 2 सीटों से सरकार तक का सफर किया है। लेकिन नए दफ्तर में बीजेपी ने कर्नाटक, एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में नाकाम रही।

नए भवन में पार्टी कार्यालय शिफ्ट होने के बाद पार्टी ने संस्थापक स्व. अटल बिहारी वाजपेई को खो दिया। साथ ही संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार को भी खोया। जबकि मनोहर पर्रिकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।