CM बनने से पहले सुरक्षा नहीं चाहिए, विजय ने पुलिस काफिले की गाड़ियां कर दीं वापस

CM बनने से पहले सुरक्षा नहीं चाहिए, विजय ने पुलिस काफिले की गाड़ियां कर दीं वापस

तमिलनाडु में हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासी सस्पेंस अभी भी बरकरार है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन पूर्ण बहुमत से थोड़ी दूर है। इस बीच विजय आज राज्यपाल से मुलाकात कर रहे हैं। सबसे चर्चित बात यह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले प्रोटोकॉल वाली सुरक्षा और पुलिस काफिले की गाड़ियों को लेने से साफ इनकार कर दिया। यह फैसला आम नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे सादगी और विनम्रता का प्रतीक मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक रणनीति भी बता रहे हैं। जब राजनीति में सुरक्षा और काफिले की होड़ आम है, तब विजय का यह कदम अलग दिख रहा है।

पुलिस काफिले की गाड़ियां वापस, विजय का साफ संदेश

TVK प्रमुख विजय ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि वे मुख्यमंत्री स्तर की आधिकारिक सुरक्षा तभी लेंगे, जब स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने का जनादेश मिल जाएगा। उन्होंने शपथ ग्रहण तक प्रोटोकॉल वाली चार गाड़ियों को वापस भिजवा दिया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि चुनाव नतीजों के बाद प्रोटोकॉल के तहत दी गई ये गाड़ियां विजय के घर से वापस ले ली गई हैं। हालांकि इन्हें पूरी तरह रद्द नहीं किया गया है। TVK ने पार्टी के बयान में कहा कि विजय ने खुद ही यह अनुरोध किया था। कल जब विजय राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने गए, तब भी उन्होंने सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया। उनके घर और लोक भवन के बाहर सुरक्षा जरूर बढ़ा दी गई थी।

शपथ ग्रहण की अफवाह पर स्टेडियम पहुंचे समर्थक, निराशा हाथ लगी

दूसरी ओर, विजय के समर्थकों में शपथ ग्रहण की खबर फैलते ही नेहरू इंडोर स्टेडियम में भारी भीड़ जुट गई। अरुम्बक्कम, कोयंबटूर समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लोग बसों और अन्य साधनों से पहुंचे। लेकिन स्टेडियम के दरवाजे बंद मिले और किसी को भी वहां कोई कार्यक्रम होने की जानकारी नहीं थी। समर्थकों में गहरी निराशा फैल गई। एक महिला समर्थक चारुलता ने कहा, “हम बहुत खुशी के साथ आए थे, सोचकर कि आज विजय मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन यहां कुछ भी नहीं है।” उनकी बेटी साई दीपिका, जो 12वीं कक्षा में पढ़ती है, भी काफी उत्साहित थी और कह रही थी कि विजय लोगों के लिए अच्छे काम करेंगे। AIADMK समर्थक परिवार से आने वाली गुनासुंदरी ने बताया कि उन्होंने अपनी वफादारी अब विजय की तरफ मोड़ ली है। उन्होंने कहा, “विजय ने झंडे या मंच के लिए लोगों से एक पैसा भी नहीं लिया। वे जरूरतमंदों की मदद करेंगे, मुझे पूरा विश्वास है।”

राजनीतिक अनिश्चितता के बीच विजय का संयम

विजय ने 108 सीटों पर जीत हासिल की है। सरकार बनाने के लिए अभी गठबंधन की जरूरत है, जिसके चलते सस्पेंस बना हुआ है। शपथ ग्रहण की तैयारियां हालांकि पूरी कर ली गई हैं। विजय का सुरक्षा वापस करने का फैसला तमिलनाडु की राजनीति में एक नई मिसाल पेश कर रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यपाल से मुलाकात के बाद अगले कदम क्या होते हैं और TVK सरकार बनाने में सफल हो पाती है या नहीं। आम तमिलनाडुवासी उम्मीद लगाए बैठा है कि नई सरकार स्थिर रहे और विकास के काम तेजी से हों। फिलहाल विजय की सादगी और संयम पर सबकी नजर है।