वॉशिंगटन में मिलिट्री बेस के ऊपर संदिग्ध ड्रोन, अलर्ट पर अमेरिका; टॉप नेताओं की लोकेशन बदली

वॉशिंगटन में मिलिट्री बेस के ऊपर संदिग्ध ड्रोन, अलर्ट पर अमेरिका; टॉप नेताओं की लोकेशन बदली

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के वाशिंगटन स्थित मिलिट्री बेस पर एक संदिग्ध ड्रोन को उड़ते हुए देखा गया है. इसके बाद पूरे वाशिंगटन को अलर्ट पर रखा गया है. ड्रोन के बारे में अमेरिकी प्रशासन जानकारी जुटा रही है. दिलचस्प बात है कि ये ड्रोन जहां उड़ रहे थे, वहीं पर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं. ड्रोन मामले के बाद दोनों नेताओं के लोकेशन को बदल दिया गया है. दोनों को अज्ञात जगहों पर भेजा गया है.

वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक गुरुवार को पेंटागन के पास एक अमेरिकी मिलिट्री बेस के ऊपर संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. अधिकारी यह जानकारी जुटा रहे हैं कि आखिर यह आया कहां से?

ईरान की जवाबी कार्रवाई US तक पहुंच गई?

अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ड्रोन उड़ने के बाद यही सवाल उठ रहे हैं कि क्या ईरान की कार्रवाई अमेरिका तक पहुंच गई है? क्योंकि ईरान अब तक सिर्फ मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर निशाना साध रहा था. पहली बार कोई संदिग्ध ड्रोन अमेरिका में देखा गया है. अगर यह ड्रोन ईरान का निकलता है तो अमेरिका के लिए इसे बड़ा झटका माना जाएगा.

हालांकि, ड्रोन को लेकर न तो ईरान सरकार ने और न ही अमेरिकी प्रशासन ने कोई बयान दिया है. वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक अधिकारी पहले इसकी जांच करना चाहते हैं, उसके बाद इस पर बयान देंगे.

आर-पार की लड़ाई के मूड में ईरान

इधर, ईरान आर-पार की लड़ाई के मूड में है. ईरान के सर्वोच्च नेता ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक अमेरिका माफी नहीं मांगता है और हर्जाना नहीं देता है, तब तक लड़ाई नहीं रुकने वाली है. ईरान का कहना है कि उसे अमेरिका को कैसे हराना है, इसके बारे में जानकारी है.

ईरान ने गुरुवार को कतर के गैस ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिसके बाद अमेरिकी सरकार बैकफुट पर नजर आई. खुद ट्रंप ने 24 घंटे के भीतर अपना फैसला बदल लिया. ट्रंप ने ईरान के तेल और गैस ठिकानों पर हमला नहीं करने का ऐलान किया है.