पश्चिम बंगाल में रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के दिन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पहली BJP सरकार अब विस्तार की राह पर है। शुरुआत में सिर्फ दो मंत्रियों के साथ सरकार बनी थी, जिसकी काफी आलोचना हुई। तीन हफ्ते के इंतजार के बाद अब 1 जून को राजभवन में 10 से 12 BJP विधायकों के मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है।
यह विस्तार न सिर्फ पार्टी के अंदरूनी संतुलन को मजबूत करेगा, बल्कि आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण है। बेहतर प्रशासन, विकास कार्यों की गति और विभिन्न विभागों में अनुभवी चेहरों की भूमिका से राज्य की प्रगति पर असर पड़ेगा।
संभावित नए चेहरे और उनकी भूमिका
विस्तारित मंत्रिमंडल में कई पुराने और नए चेहरों को जगह मिलने की चर्चा है। प्रमुख नामों में दीपक बर्मन, शीतल कपाट, ध्रुव साहा, पपिया अधिकारी, बक्किम घोष, स्वपन दासगुप्ता, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, शंकर घोष, इंद्रनील खान, शरद मुखोपाध्याय और कंचन मल्लिक शामिल हैं।
रासबिहारी सीट से विधायक स्वपन दासगुप्ता को उच्च शिक्षा विभाग सौंपे जाने की अटकलें हैं। उनकी सहायता के लिए सिलीगुड़ी के शंकर घोष को भी शामिल किया जा सकता है या फिर शिक्षा विभाग को दो हिस्सों में बांट दिया जाए। फलाकाटा के दीपक बर्मन, जो BJP के भरोसेमंद नेता माने जाते हैं, उन्हें बड़ा मंत्रालय मिल सकता है।
चकदाहा के बक्किम घोष, जो 2018 में CPM छोड़कर BJP में आए थे, को जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग दिया जा सकता है। उनके पास वाम शासन का अनुभव भी है, जो नए सिरे से काम आने वाला है।
विभागों की बंटवारी और अहम दावेदार
घाटाल के शीतल कपाट कृषि मंत्री बन सकते हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उन्हें केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं। बीरभूम जिला अध्यक्ष ध्रुव साहा को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद है। कूचबिहार के जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को परिवहन विभाग दिया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग सीधे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास रहने की संभावना है। इंद्रनील खान और शरद मुखोपाध्याय राज्य मंत्री के रूप में स्वास्थ्य या आयुष विभाग संभाल सकते हैं। मानिकतला के तापस रॉय भी अहम मंत्रालय के दावेदार हैं, हालांकि उनकी नजर कोलकाता मेयर पद पर भी है। रूपांजलि घोष, पापिया अधिकारी और बेहाला के शंकर सिकदर के नाम भी सूची में चल रहे हैं।
सरकार की मजबूती और जनता की उम्मीद
तीन हफ्ते तक सिर्फ दो सदस्यों वाली सरकार को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं, अधिकारियों और आम लोगों ने सवाल उठाए थे। अब इस विस्तार से सरकार को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विधायकों को शामिल करने से प्रशासनिक कामकाज में सुधार आ सकता है।
पश्चिम बंगाल की जनता लंबे समय से स्थिर और प्रभावी सरकार की प्रतीक्षा कर रही है। यह कैबिनेट विस्तार विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर ठोस काम करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।
अभी यह तय नहीं है कि हर नाम अंतिम सूची में शामिल होगा, लेकिन 1 जून को शपथ ग्रहण समारोह के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। शुभेंदु अधिकारी की सरकार अब पूर्ण रूप से सक्रिय होने जा रही है।


