पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के बीच सियासत अपने चरम पर पहुंच गई है। एक तरफ लाखों मतदाता बूथों पर पहुंचकर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय बलों की भारी तैनाती पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अब “राफेल जेट की तैनाती ही बाकी रह गई है।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। लेकिन TMC इसे जरूरत से ज्यादा और मतदाताओं को प्रभावित करने वाला कदम बता रही है।
“इतनी फोर्स क्यों?”—अभिषेक का सीधा सवाल
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल में जिस स्तर पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, वह असामान्य है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब तो नौसेना के युद्धपोत और राफेल विमान ही बाकी रह गए हैं।
उनका आरोप है कि जिस तरह की तैयारी सीमावर्ती खतरों के लिए होनी चाहिए, वैसी व्यवस्था राज्य के चुनाव में दिखाई जा रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चाहे जितनी ताकत लगा ली जाए, उनकी पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी।
ममता बनर्जी के भी गंभीर आरोप
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चुनावी माहौल को लेकर चिंता जताई। भवानीपुर सीट से उम्मीदवार ममता ने आरोप लगाया कि बाहरी पर्यवेक्षक भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पार्टी के पोस्टर और झंडे हटाए जा रहे हैं और कुछ नए लोग मनमानी कर रहे हैं। उनका सवाल था कि क्या चुनाव इसी तरह कराए जाते हैं, जहां वोटर के बजाय सुरक्षा बलों का दबदबा दिखे।
भारी सुरक्षा के बीच मतदान जारी
इन आरोपों के बीच जमीनी स्तर पर मतदान प्रक्रिया जारी है। राज्य के 8 जिलों की 142 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। सुबह 7 बजे से पहले ही कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
इस चरण में करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। मतदान के लिए 41,001 बूथ बनाए गए हैं।
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की हैं। सिर्फ कोलकाता में ही 273 कंपनियां मौजूद हैं। इसके अलावा 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं। कई जगहों पर निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है।
भवानीपुर पर खास नजर, पिछले आंकड़े भी अहम
इस चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर है, जहां ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी से है। 2021 के चुनाव में इन 142 सीटों में से 123 पर TMC ने जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को 18 सीटें मिली थीं।
पहले चरण में 93.19% मतदान हुआ था, जो रिकॉर्ड स्तर का था। ऐसे में इस बार भी भारी मतदान की उम्मीद जताई जा रही है।
चुनाव के इस दौर में जहां एक तरफ लोकतंत्र का उत्सव दिखता है, वहीं दूसरी तरफ आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो जाते हैं। आम मतदाता के लिए सबसे अहम बात यही है कि वह बिना किसी दबाव के अपने वोट का इस्तेमाल कर सके। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मतदान के बाद नतीजे किस दिशा में जाते हैं और क्या ये राजनीतिक दावे हकीकत में बदलते हैं।


