कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में टीएमसी दफ्तर से मिले आधार कार्डों ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। बिधाननगर में चुनाव से पहले बीजेपी ने टीएमसी कार्यालय पर ताला लगाया था। जब आज ताला खोला गया तो वहां कई आधार कार्ड बरामद हुए। पुलिस ने सभी कार्ड जब्त कर लिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये उनके अपने कार्ड थे, जिनके लिए उन्होंने पार्टी दफ्तर को संपर्क केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया था। यह घटना पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के ठीक बाद सामने आई है।
सॉल्ट लेक में आधार कार्डों की बरामदगी
बिधाननगर नॉर्थ पुलिस ने टीएमसी दफ्तर से मिले आधार कार्डों को सीज कर लिया है। इलाके के निवासियों ने दावा किया कि उन्होंने आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के समय पार्टी कार्यालय का इस्तेमाल किया था। इससे पहले भी एक पार्क के बाहर कई आधार कार्ड लावारिस हालत में पड़े मिले थे। जॉगिंग करने वाले लोगों ने इन्हें देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। उन कार्डों पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे दूर-दराज के राज्यों के पते दर्ज थे।
पुलिस अधिकारी ने इसे अजीब घटना बताया। अलग-अलग राज्यों के आधार कार्ड बंगाल के सॉल्ट लेक में कैसे पहुंचे, यह सवाल कई लोगों के मन में है। वर्तमान में राज्य में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) का काम चल रहा है, जिसके बीच यह खुलासा हुआ है।
सत्ता बदलाव के बाद नई सरकार की चुनौतियां
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने राज्य की 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 15 साल लंबा शासन समाप्त हो गया। भाजपा पहली बार बंगाल में अपनी सरकार बना चुकी है।


