उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को देवरिया दौरे पर विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वह गोरखपुर लौटे तो अचानक देवरिया के पूर्व भाजपा सांसद और लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के आवास पहुंच गए। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे।
श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सक्रिय राजनीति में आए थे। भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उन्होंने 1996 और 1999 में देवरिया लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। उन्हें देवरिया से भाजपा का पहला सांसद बनने का गौरव भी प्राप्त है। पूर्वांचल, विशेषकर ब्राह्मण समाज में उनके परिवार का लंबे समय से प्रभाव माना जाता है। यही वजह है कि उनकी राजनीतिक और सामाजिक स्वीकार्यता आज भी बनी हुई है।
भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इस परिवार पर भरोसा जताया था। पार्टी ने मौजूदा सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी का टिकट काटकर श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के पुत्र शशांक मणि त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया। शशांक मणि ने चुनाव जीतकर पार्टी के फैसले को सही साबित किया। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी की यह मुलाकात संगठन और चुनावी रणनीति के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री की यह मुलाकात ब्राह्मण समाज को सकारात्मक संदेश देने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब समाजवादी पार्टी जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर बड़े ब्राह्मण सम्मेलन की तैयारी कर रही है। हाल ही में लखनऊ में अखिलेश यादव की मौजूदगी में इस सम्मेलन को लेकर रणनीति भी बनाई गई थी। ऐसे में भाजपा की ओर से यह मुलाकात राजनीतिक संतुलन साधने की कवायद मानी जा रही है, हालांकि सरकार या भाजपा ने इसे लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक टिप्पणी नहीं की है।
देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दूसरा दौरा महज 34 दिनों के भीतर हुआ है। दोनों दौरों में उन्होंने जिले को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। 22 मई को मुख्यमंत्री ने देवरिया सदर, रामपुर कारखाना और पथरदेवा विधानसभा क्षेत्रों के लिए करीब 655.45 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। वहीं 26 जून को बरहज और रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 456 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा की। इन लगातार दौरों को भी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
देवरिया जिला भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2017 में भी पार्टी ने सात में से छह सीटों पर कब्जा किया था। 2022 में भाटपाररानी जैसी सीट पर भी पहली बार भाजपा ने जीत हासिल कर इतिहास रचा था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन सफलताओं में ब्राह्मण मतदाताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।
इसी कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी से मुलाकात को केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि भाजपा की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक चुनावी संदेश नहीं दिया गया है। फिलहाल राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं और आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।



