हिंदी फिल्म इंडस्ट्री मनोरंजन की ऐसी दुनिया है, जहां मुस्लिम कलाकारों की लंबी फेहरिस्त है, नाम गिनाऊं तो शायद केवल नामों से ही एक किताब बन जाए. कोई हैरत नहीं कि इन मुस्लिम कलाकारों में कइयों ने इंडस्ट्री की बुनियाद रखने में खासा योगदान दिया है, बॉलीवुड को आगे बढ़ाया, सफल क्लासिक-ऐतिहासिक फिल्में दीं. चाहे वो दिलीप कुमार के नाम से मशहूर यूसुफ खान हों या अभिनेत्रियों में सुरैया, मधुबाला और मीना कुमारी आदि. केवल पर्दे पर अभिनय या नृत्य नहीं बल्कि पर्दे के पीछे रचे कई कलाकारों ने गीत-संगीत, कहानी और संवाद के जरिए बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का इतिहास लिखा है.
इतिहास के उन्हीं पन्नों को पलटें तो कभी ऐसा नजीर नहीं दिखता जिसमें इन कलाकारों का बायकॉट किया गया हो. लेकिन पिछले दो-ढाई दशक के दौरान चमके सितारों में कुछ खान एक्टर्स निशाने पर रहे. इनमें आमिर खान और शाहरुख खान को सबसे ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ा है. वैसे इस फेहरिस्त में सलमान खान और सैफ अली खान भी रहे हैं, जिन्होंने करीना कपूर से शादी की है.



