उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंत्रिमंडल के दूसरे बड़े विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा पूरा कर लिया है। नए मंत्रियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों से अब सरकार की प्राथमिकताएं साफ नजर आ रही हैं। भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग की बड़ी जिम्मेदारी मिली है, जबकि सुरेंद्र दिलेर को राजस्व विभाग सौंपा गया है।
यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब सरकार विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को और गति देने की कोशिश कर रही है। सोमवार सुबह 9:45 बजे से 10:45 बजे तक सीएम आवास पर पूरी कैबिनेट की पहली आधिकारिक बैठक होगी, जिसमें नए मंत्रियों के साथ पुराने कैबिनेट मंत्री भी शामिल होंगे।
मंत्रिमंडल विस्तार और नई जिम्मेदारियां
रविवार 10 मई को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनभवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई थी। इस विस्तार में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, सुरेंद्र दिलेर, कैलाश सिंह राजपूत, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री पद मिला। साथ ही सोमेंद्र तोमर और अजीत सिंह पाल का प्रमोशन कर उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया गया।
विभागों का बंटवारा इस प्रकार हुआ है:
- भूपेंद्र चौधरी — सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)
- मनोज पांडेय — खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति
- अजीत सिंह पाल (स्वतंत्र प्रभार) — खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
- सोमेंद्र तोमर (स्वतंत्र प्रभार) — राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल
- कृष्णा पासवान — पशुधन एवं दुग्ध विकास
- कैलाश सिंह राजपूत — ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत
- सुरेंद्र दिलेर — राजस्व
- हंसराज विश्वकर्मा — सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
MSME विभाग अब दो मंत्रियों के पास है, जो छोटे उद्योगों और रोजगार सृजन पर फोकस बढ़ाने का संकेत है।
किन मंत्रियों के विभाग बदले गए?
इस बंटवारे में कुछ पुराने मंत्रियों के विभागों में बदलाव हुआ है। राकेश सचान से MSME विभाग लिया गया है, हालांकि वे खादी ग्राम उद्योग मंत्री बने रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद अपने पास से दो महत्वपूर्ण विभाग छोड़े हैं। खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति अब मनोज पांडेय संभालेंगे, जबकि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अजीत सिंह पाल को सौंपा गया है। सोमेंद्र तोमर को सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल का जिम्मा मिला है, जो पहले सीएम के पास था। राजनीतिक पेंशन विभाग भी धर्मपाल सिंह के पास से निकालकर सोमेंद्र तोमर को दिया गया है।
उत्तर प्रदेश की जनता पर क्या होगा असर?
यह विभागीय बंटवारा सामान्य प्रशासनिक बदलाव से कहीं ज्यादा है। MSME विभाग को मजबूत करने से state’s छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप्स और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है। राजस्व विभाग पर नई नजर रखने से राजस्व संग्रह, भूमि संबंधी कार्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता में सुधार की उम्मीद है।
खाद्य एवं रसद जैसे जनहित विभागों का नए हाथों में जाना आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण और मध्यम वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है। पशुधन, ऊर्जा और दुग्ध विकास जैसे क्षेत्रों में भी नई ऊर्जा आने की संभावना है।
कल होने वाली कैबिनेट बैठक में इन विभागों की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। योगी सरकार का यह विस्तार और विभागीय समायोजन विकास कार्यों को तेज करने और प्रशासन को और अधिक चुस्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


