केजरीवाल की NEET छात्रों से भावुक अपील: ‘आत्महत्या समाधान नहीं, मिलकर लड़ेंगे’

केजरीवाल की NEET छात्रों से भावुक अपील: ‘आत्महत्या समाधान नहीं, मिलकर लड़ेंगे’

NEET परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में फैले तनाव और निराशा को देखते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक संवेदनशील कदम उठाया है। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर छात्रों से सीधे संवाद करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है और हम सबको मिलकर पेपर लीक जैसी समस्या का हल निकालना चाहिए।

यह अपील ऐसे समय में आई है जब परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्र गंभीर मानसिक दबाव में हैं। आम अभिभावक और छात्रों के लिए यह संदेश राहत और उम्मीद दोनों लेकर आया है, क्योंकि शिक्षा से जुड़े बड़े विवाद अक्सर युवाओं की जिंदगी पर गहरा असर डालते हैं।

‘मैं आपके साथ हूं, अपनी बात मुझे बताइए’

केजरीवाल ने छात्रों से अनुरोध किया कि अगर वे तनाव, डिप्रेशन या चिंता में हैं तो अपनी भावनाएं और सुझाव उनके साथ साझा करें। छात्र कमेंट सेक्शन या डायरेक्ट मैसेज (DM) के जरिए अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे खुद छात्रों से संपर्क करेंगे और मिलकर समस्या का समाधान निकालेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं समझ सकता हूं कि पेपर लीक होने पर कितनी पीड़ा होती है। मैंने भी आईआईटी और यूपीएससी की परीक्षाएं दी हैं। तैयारी के दौरान, परीक्षा देते समय और परिणाम आने पर कितना तनाव होता है, यह मैं जानता हूं। लेकिन अगर पेपर रद्द हो जाए तो जो दुख होता है, उसे भी मैं महसूस कर सकता हूं।”

आत्महत्या पर सख्त चेतावनी, चार सुसाइड की घटनाएं

केजरीवाल ने छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा कि इतना कठोर कदम बिल्कुल न उठाएं। उन्होंने बताया कि NEET रद्द होने के बाद कई छात्र डिप्रेशन और स्ट्रेस में हैं। अब तक चार सुसाइड की घटनाएं सामने आई हैं — गोवा, सीकर, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में। केजरीवाल खुद गोवा में एक पीड़ित परिवार के घर भी गए थे।

उन्होंने जोर देकर कहा, “आत्महत्या समाधान नहीं है। आप पढ़े-लिखे, समझदार युवा हैं। NEET को पारदर्शी और बेहतर बनाने का समाधान हम सब मिलकर निकाल सकते हैं। आप भी अपने सुझाव मुझे भेजिए।”

मिलकर निकालेंगे स्थायी समाधान

केजरीवाल का यह संदेश सिर्फ सहानुभूति तक सीमित नहीं है। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक दिशा देते हुए कहा कि पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सबको साथ आना होगा। उन्होंने छात्रों से न केवल अपनी पीड़ा साझा करने को कहा बल्कि सुधार के लिए अपने विचार भी देने को कहा।

यह पहल छात्रों में विश्वास जगाने और उन्हें अकेला महसूस न होने देने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता की मांग लंबे समय से उठ रही है। केजरीवाल का यह कदम युवाओं को यह संदेश देता है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है और राजनीतिक नेता भी उनकी समस्याओं से जुड़ने को तैयार हैं।

आने वाले दिनों में छात्रों के सुझावों के आधार पर आगे की कार्यवाही तय होगी। फिलहाल केजरीवाल का यह संदेश उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है जो इस पूरे प्रकरण से मानसिक रूप से टूट चुके थे। अभिभावकों को भी सलाह दी जा रही है कि वे अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाएं और जरूरत पड़ने पर मदद लें।