ट्विशा शर्मा मौत मामले में सनसनीखेज मोड़: CM मोहन यादव ने CBI जांच का भरोसा दिया, निर्भया वकील ने संभाली कमान

ट्विशा शर्मा मौत मामले में सनसनीखेज मोड़: CM मोहन यादव ने CBI जांच का भरोसा दिया, निर्भया वकील ने संभाली कमान

भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत का मामला अब नई दिशा ले रहा है। मृतका के परिजन मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोबारा पोस्टमार्टम तथा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार के साथ वर्दी सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष पूर्व मेजर जनरल श्याम सुंदर श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने परिवार को पूरा आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की मदद करेगी और जांच को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा।

CM का बड़ा ऐलान: CBI को लिखा जाएगा पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कहा कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए CBI जांच के लिए पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम का अंतिम फैसला अदालत ही लेगी। साथ ही, अगर परिवार चाहे तो ट्विशा के पार्थिव शरीर को दिल्ली ले जाने की पूरी व्यवस्था सरकार करेगी।

मुलाकात के बाद परिवार के सदस्यों में कुछ उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की राह दिख रही है। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि परिवार लगातार शिकायत कर रहा था कि स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों के कारण सही दिशा में जांच नहीं हो पा रही थी।

निर्भया केस की वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा ने संभाला केस

ट्विशा शर्मा मामले में सबसे बड़ा कानूनी विकास यह है कि परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा को अपना वकील बना लिया है। सीमा कुशवाहा वही नाम हैं जिन्होंने निर्भया कांड में पीड़िता के परिवार की ओर से मजबूत पैरवी की थी। परिवार का मानना है कि उनकी शामिल होने से केस को नई मजबूती और सही दिशा मिलेगी।

वर्तमान में स्थानीय अधिवक्ता अंकुर पांडे केस की पैरवी कर रहे हैं, लेकिन कुशवाहा के आने से कानूनी लड़ाई अब और प्रभावी होने वाली है।

परिवार के गंभीर आरोप और सास गिरिबाला सिंह पर बढ़ती मुश्किलें

ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने खुलकर आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष बेहद प्रभावशाली है और पूरा परिवार एक बड़े सिस्टम से लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज करने में देरी हुई, पुलिस से उचित सहयोग नहीं मिला और एक आरोपी की अग्रिम जमानत सुनवाई के दौरान कोर्ट तक बदला गया। भोपाल में प्रभावशाली लोगों के कारण अच्छे वकील भी आसानी से तैयार नहीं हो रहे थे।

परिवार ने एक और अहम कदम उठाते हुए राज्यपाल को पत्र लिखकर ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है। गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। परिवार का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बीच संवैधानिक पद पर बने रहना उचित नहीं है।

गिरिबाला सिंह पहले भोपाल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं और रिटायरमेंट के बाद उन्हें डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम बेंच-2 की अध्यक्ष बनाया गया था। ट्विशा के पति समर्थ सिंह इस मामले में फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने पहले ही पति और सास के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

ट्विशा शर्मा की यह संदिग्ध मौत कई सवाल खड़े कर रही है। परिवार इसे किसी साधारण घटना के रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री के आश्वासन, CBI जांच की संभावना और निर्भया केस की अनुभवी वकील के शामिल होने से अब इस पूरे प्रकरण पर नजरें टिकी हुई हैं। आम नागरिकों के मन में भी यह सवाल है कि क्या व्यवस्था प्रभावशाली लोगों के सामने झुक जाएगी या न्याय की राह में कोई रुकावट नहीं आएगी।

परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है और लगातार कह रहा है कि उन्हें पूरे मामले की सच्चाई सामने लानी है।