प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच गए हैं। रोम एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। रोम पहुंचते ही प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर अपनी उपस्थिति की जानकारी दी और कहा कि वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला तथा प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे।
इस यात्रा का आम भारतीयों के लिए खास महत्व है क्योंकि भारत और इटली के बीच मजबूत आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंध रोजगार, निवेश और वैश्विक सहयोग के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
भारतीय समुदाय का गर्मजोशी भरा स्वागत
रोम पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी होटल पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया। पीएम मोदी ने सभी का अभिवादन किया और वहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनंद लिया। विदेश में रह रहे भारतीयों से प्रधानमंत्री की मुलाकात हमेशा से ऊर्जा और जुड़ाव का प्रतीक रही है।
मेलोनी के साथ रात्रिभोज और कोलोसियम का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से विस्तृत मुलाकात की। मुलाकात के बाद मेलोनी ने भी ट्वीट कर कहा, “रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!” दोनों नेताओं ने रोम के प्रसिद्ध कोलोसियम का संयुक्त दौरा किया।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि रोम पहुंचकर मेलोनी के साथ रात्रिभोज का अवसर मिला। इसके बाद दोनों ने कोलोसियम घूमा और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने आज होने वाली औपचारिक बातचीत का बेसब्री से इंतजार जताया।
‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
इस दौरान पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी भेंट की, जिसे मेलोनी ने बेहद पसंद किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत अच्छी टॉफी – मेलोडी – गिफ्ट की है।” बदले में पीएम मोदी को वाराणसी के घाटों को दर्शाती एक खूबसूरत पेंटिंग भेंट की गई।
दोनों नेताओं ने भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इस यात्रा में निवेश, एडवांस तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत बातचीत होने वाली है।
भारत-इटली संबंधों में नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर आधिकारिक यात्रा पर हैं। बुधवार रात 8:45 बजे वे रोम से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। बता दें कि पीएम मोदी ने आखिरी बार जून 2024 में जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली की यात्रा की थी।
यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने वाला साबित हो सकता है। आम नागरिकों के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंध का मतलब है बेहतर आर्थिक अवसर, तकनीकी सहयोग और वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत कर रही है बल्कि सांस्कृतिक और व्यक्तिगत स्तर पर भी दोनों देशों के बीच पुल बनाने का काम कर रही है। रोम से दिल्ली लौटने से पहले पीएम मोदी की इन मुलाकातों के नतीजे भारत की विदेश नीति को नई दिशा दे सकते हैं।


