ट्विशा शर्मा केस में सास-पति के बयानों में बड़ा विरोधाभास, CBI आज बढ़ा सकती है रिमांड

ट्विशा शर्मा केस में सास-पति के बयानों में बड़ा विरोधाभास, CBI आज बढ़ा सकती है रिमांड

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मामले में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। आज मंगलवार को सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की सीबीआई रिमांड खत्म हो रही है, लेकिन एजेंसी दोनों की रिमांड बढ़ाने की तैयारी में है। सीबीआई ने घटनास्थल पर रीक्रिएशन के दौरान दोनों के बयानों में कई विरोधाभास पाए हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसी आज कोर्ट में अतिरिक्त रिमांड की मांग कर सकती है।

पांच महीने की शादी के बाद ट्विशा की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब सीबीआई की गहन पूछताछ में परिवार के कई दावे टूटते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले 72 घंटों में एजेंसी ने गिरिबाला और समर्थ से 72 अहम सवाल पूछे। इन सवालों में शादी से लेकर गर्भपात, आर्थिक लेन-देन और 12 मई की उस रात के घटनाक्रम तक सब कुछ शामिल था।

CBI पूछताछ: 72 सवालों में खुला परिवार का सच

सीबीआई ने सबसे पहले ट्विशा से समर्थ की मुलाकात, डेटिंग ऐप, शादी का फैसला और अंतरजातीय विवाह जैसे बुनियादी सवाल पूछे। इसके बाद दहेज, हनीमून, आर्थिक मदद और ट्विशा के खाते में 7 लाख रुपये जमा करने जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल उठाए गए।

पूछताछ में यह भी जाना गया कि नवविवाहित जोड़े अलग-अलग कमरों में क्यों सोते थे, ट्विशा पर गर्भपात का दबाव था या नहीं, और मौत वाले दिन रात 9:45 बजे के बाद अचानक क्या हुआ कि ट्विशा ने यह कदम उठा लिया।

सीसीटीवी फुटेज की टाइमिंग, फोन न उठाने, अस्पताल ले जाने में देरी और समर्थ की फरारी जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से सवाल पूछे गए। ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान, ड्रग्स का सेवन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े दावों की भी गहन जांच हुई।

गिरिबाला सिंह का बचाव और स्वीकारोक्ति

गिरिबाला सिंह ने सीबीआई को बताया कि उन्होंने शादी से पहले ही ट्विशा से मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया कि परिवार ने कभी जातिगत भेदभाव नहीं किया, बल्कि ब्राह्मण बहू आने पर खुशी जताई थी।

उनके अनुसार ट्विशा का व्यवहार शुरुआत में अच्छा था, लेकिन बाद में बदल गया। उन्होंने बताया कि ट्विशा पांच बार मायके गई थी और परिवार ने उसे आर्थिक मदद भी दी। गिरिबाला ने स्वीकार किया कि समर्थ की फरारी और अग्रिम जमानत लेना गलती थी।

मानसिक स्वास्थ्य के सवाल पर उन्होंने कहा कि ट्विशा एंग्जायटी और पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से जूझ रही थी और इसका इलाज भी चल रहा था।

समर्थ सिंह का बयान: प्यार था, फिर भी…

समर्थ सिंह ने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था। दोनों साथ वॉक करते, जिम जाते थे। लेकिन गर्भावस्था के बाद ट्विशा का व्यवहार बदल गया। उन्होंने दावा किया कि 12 मई को ट्विशा पार्लर से लौटने के बाद दोनों ने वॉक किया, खाना खाया और टीवी देखा।

ट्विशा की मां के फोन के बाद अचानक जो हुआ, उसे समझ नहीं आया। समर्थ ने कहा कि जब उन्होंने ट्विशा को फंदे से लटका देखा तो पहले बचाने की कोशिश की। गिरिबाला ने फंदा खोला और उन्होंने सीपीआर दिया।

अलग कमरों में सोने की वजह उन्होंने अपनी मानसिक परेशानी और ट्विशा के बच्चे को लेकर लगातार चर्चा बताई। हालांकि, चोट के निशानों पर ठोस जवाब नहीं मिला।

मामले की गंभीरता और आगे की जांच

यह मामला आम पाठकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दहेज, मानसिक स्वास्थ्य, अंतरजातीय विवाह और नए रिश्तों में बढ़ती दबाव की कहानी बन गया है। ट्विशा जैसी युवा पीढ़ी की परेशानियां आज कई परिवारों में देखी जा रही हैं।

सीबीआई अब इन विरोधाभासों को सुलझाने में जुटी है। रिमांड बढ़ने पर और गहरी जांच होने की संभावना है। पूरा मामला फिलहाल अदालत और जांच एजेंसी के पास है।