अखिलेश यादव की बेटी पर वायरल पोस्ट से मचा बवाल, BJP विधायक राजेश्वर सिंह बोले- बेटियों का सम्मान राजनीति से ऊपर

अखिलेश यादव की बेटी पर वायरल पोस्ट से मचा बवाल, BJP विधायक राजेश्वर सिंह बोले- बेटियों का सम्मान राजनीति से ऊपर

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मामले ने तूल तब पकड़ा जब बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह ने सार्वजनिक रूप से इस तरह की सामग्री की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी नेता के परिवार, खासकर बेटियों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। वहीं शिकायत मिलने के बाद पुलिस की साइबर सेल ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संकेत दिए हैं कि शिकायत मिलने पर मामले का संज्ञान लिया जा सकता है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर बढ़ा विवाद

विवाद की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें अखिलेश यादव की बेटी को लेकर कथित तौर पर झूठे और भ्रामक दावे किए गए। शिकायत के मुताबिक पोस्ट में उनके लापता होने, धनराशि चोरी करने और विदेश में रहने जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके साथ एक कथित रूप से एडिट की गई तस्वीर भी साझा की गई।

समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों का आरोप है कि इस पोस्ट का उद्देश्य केवल एक महिला की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अखिलेश यादव और उनके परिवार की छवि धूमिल करने की कोशिश भी थी। सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई।

राजेश्वर सिंह ने दिया स्पष्ट संदेश

बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति और वैचारिक संघर्ष स्वाभाविक हैं, लेकिन परिवार के सदस्यों को विवादों में घसीटना स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी या महिला को अपमानित करने वाली सामग्री समाज के लिए गलत संदेश देती है। उनके मुताबिक बेटियों का सम्मान राजनीति और विचारधाराओं से ऊपर है। उन्होंने प्रशासन और साइबर एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

साइबर सेल ने दर्ज किया मुकदमा

मामले को लेकर समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता प्रवीण यादव ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने कार्रवाई शुरू की।

पुलिस के अनुसार भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह और विनोद कुमार यादव के खिलाफ आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साइबर सेल थाना प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पोस्ट किस उद्देश्य से साझा की गई थी और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या रही।

महिला आयोग ने भी दिए संकेत

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की बेटी भी देश की बेटी हैं और महिलाओं तथा बेटियों को लेकर इस तरह की घटनाएं उचित नहीं हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आयोग को इस मामले में औपचारिक शिकायत प्राप्त होती है, तो नियमानुसार उसका संज्ञान लिया जाएगा। उनके बयान के बाद मामले को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

फिलहाल पूरा मामला साइबर जांच के दायरे में है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, लेकिन एक बात पर लगभग सभी पक्ष सहमत दिखाई दे रहे हैं कि सोशल मीडिया पर किसी भी महिला या बेटी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री को स्वीकार नहीं किया जा सकता।