लखनऊ, बरेली और बाराबंकी में मुफ्त बदले जाएंगे स्मार्ट मीटर, उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क

लखनऊ, बरेली और बाराबंकी में मुफ्त बदले जाएंगे स्मार्ट मीटर, उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क

लखनऊ, बरेली और बाराबंकी के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। इन जिलों में लगे पुराने पोस्टपेड स्मार्ट मीटर अब चरणबद्ध तरीके से बदले जाएंगे और उनकी जगह नए अत्याधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए उपभोक्ताओं को कोई पैसा नहीं देना होगा। केंद्र सरकार की आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) योजना के तहत यह काम कराया जा रहा है। बिजली विभाग का कहना है कि मीटर बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क होगी और उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त औपचारिकता से भी नहीं गुजरना पड़ेगा।

क्यों बदले जा रहे हैं पुराने स्मार्ट मीटर?

बिजली विभाग के अनुसार लखनऊ, बरेली और बाराबंकी में पहले लगाए गए पोस्टपेड ईईएसएल (EESL) स्मार्ट मीटरों के संचालन और रखरखाव का अनुबंध समाप्ति की ओर है। ऐसे में पुराने मीटरों को हटाकर नए तकनीक वाले पोस्टपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।

यह कार्य केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत किया जा रहा है। नए मीटर लगाने की जिम्मेदारी मैसर्स इंटेलस्मार्ट और मैसर्स पोलारिस को सौंपी गई है। विभाग का दावा है कि मीटर बदलने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगी।

उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा कोई शुल्क

बिजली उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि नए स्मार्ट मीटर लगाने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि मीटर बदलने का पूरा खर्च योजना के तहत वहन किया जाएगा।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जब तकनीकी टीमें मीटर बदलने के लिए पहुंचें तो उनका सहयोग करें। इससे बिलिंग व्यवस्था और बिजली आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

लखनऊ में बिजली संकट कम करने की बड़ी तैयारी

स्मार्ट मीटर बदलने के साथ-साथ राजधानी लखनऊ में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बड़ा काम शुरू हो गया है। लेसा (LESA) शहर के 17 बिजली उपकेंद्रों को भूमिगत केबल नेटवर्क से जोड़ने जा रहा है।

इस परियोजना का सीधा फायदा करीब 5 लाख लोगों को मिलने की उम्मीद है। शहर के उन इलाकों को प्राथमिकता दी गई है जहां ओवरलोडिंग, तार टूटने और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।

इन इलाकों में शुरू हुआ काम

बिजली विभाग के मुताबिक जवाहर भवन, इंदिरा भवन, राजभवन, डालीबाग, कूपर रोड, आजाद नगर, चिनहट और इंदिरानगर समेत कई प्रमुख उपकेंद्रों पर भूमिगत केबल बिछाने का काम शुरू हो चुका है।

गोमतीनगर जोन के इंदिरानगर डिवीजन में दो प्रमुख केबल लिंक तैयार किए जा रहे हैं। इनमें यूपीएसआईडीसी से इंदिरानगर ट्रांसमिशन और इंदिरानगर सेक्टर-14 उपकेंद्र से बजरंग चौराहा तक का नेटवर्क शामिल है।

इसके अलावा गोमतीनगर क्षेत्र में भी नई अंडरग्राउंड केबल लाइनें डाली जा रही हैं ताकि बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनाई जा सके।

डबल होगी केबल क्षमता, कम होंगे फॉल्ट

लखनऊ सेंट्रल जोन में 13 उपकेंद्रों को आपस में जोड़ने का काम किया जा रहा है। कई स्थानों पर सिंगल केबल सिस्टम को डबल केबल सिस्टम में बदला जाएगा।

मार्टिनपुरवा से राजभवन, जवाहर भवन, डालीबाग और विक्रमादित्य उपकेंद्रों तक अतिरिक्त केबल बिछाई जाएगी। वहीं अर्जुनगंज और हरिहरपुर के बीच सिंगल सर्किट लाइन को डबल सर्किट में बदला जाएगा।

बिजली विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग और बिजली कटौती जैसी समस्याओं में काफी कमी आएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।