राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पहली बार बोले CM योगी, कहा- ‘500 साल इंतजार किया, 15 दिन और कर लीजिए’

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पहली बार बोले CM योगी, कहा- ‘500 साल इंतजार किया, 15 दिन और कर लीजिए’

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि जिस राम मंदिर के निर्माण के लिए श्रद्धालुओं ने 500 वर्षों तक इंतजार किया, उसके संबंध में सत्य सामने आने के लिए 15 दिन और इंतजार किया जा सकता है।

रुदौली विधानसभा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

‘SIT दूध का दूध, पानी का पानी करेगी’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामले को लेकर पिछले कुछ दिनों में विभिन्न प्रकार की खबरें सामने आई हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट की मांग पर एसआईटी गठित की गई है।

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को 15 दिन का समय दिया गया है और सभी पक्षों को इस प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़े दस्तावेज, साक्ष्य या तथ्य हैं तो वे उन्हें जांच टीम को सौंप सकते हैं। जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।

योगी ने यह भी कहा कि जांच के दौरान अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश का लगाया आरोप

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और नेता अयोध्या तथा राम जन्मभूमि की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले राम भक्तों और जय श्रीराम के नारों का विरोध करते थे, वही आज राम भक्तों के हितैषी बनने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आना चाहिए।

मुख्यमंत्री के अनुसार, अयोध्या का विकास और सम्मान कुछ लोगों को स्वीकार नहीं है, इसलिए वे विवादों को हवा देकर शहर की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर कांग्रेस का रवैया हमेशा विरोधाभासी रहा है।

योगी ने कहा कि जिन लोगों ने कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वे आज राम भक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि जनता इन बातों को अच्छी तरह समझती है।

जांच पूरी होने तक संयम की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और उनके नाम से जुड़े किसी भी विषय पर सभी को मर्यादा और संयम बनाए रखना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि जांच पूरी होने तक धैर्य रखें और किसी भी अपुष्ट जानकारी या राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब सबकी नजर एसआईटी की रिपोर्ट पर टिक गई है, जो अगले 15 दिनों में सरकार को सौंपी जानी है।