नई नौकरी वालों की बल्ले-बल्ले! PM मोदी आज भेजेंगे 2,400 करोड़ रुपये, लाखों युवाओं के खाते में आएगा पैसा

नई नौकरी वालों की बल्ले-बल्ले! PM मोदी आज भेजेंगे 2,400 करोड़ रुपये, लाखों युवाओं के खाते में आएगा पैसा

अगर आपने हाल ही में पहली बार नौकरी शुरू की है या आप किसी छोटे कारोबार के मालिक हैं, तो आज का दिन आपके लिए खास हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी करने जा रहे हैं। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

सरकार का दावा है कि इस योजना से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, नए कर्मचारियों को आर्थिक सहायता मिलेगी और छोटे कारोबारों को ज्यादा लोगों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इस कार्यक्रम के जरिए करीब 15 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

पहली नौकरी वालों के लिए बड़ी राहत

देश में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो पढ़ाई पूरी करने के बाद पहली नौकरी हासिल करते हैं। शुरुआती दौर में आर्थिक चुनौतियां भी काफी होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना में पहली बार नौकरी पाने वालों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान रखा है।

योजना के तहत पहली नौकरी करने वाले पात्र कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का लाभ दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह सहायता युवाओं को औपचारिक रोजगार क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करेगी और उनके करियर की शुरुआत को मजबूत बनाएगी।

कंपनियों को भी मिलेगा फायदा

इस योजना का लाभ सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। नए लोगों को नौकरी देने वाली कंपनियों और संस्थानों को भी आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।

सरकार के मुताबिक, प्रत्येक नए कर्मचारी की नियुक्ति पर नियोक्ता को प्रति माह 3,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है। इसका उद्देश्य उद्योगों और छोटे व्यवसायों को अधिक रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है।

विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि ऐसे संस्थान रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाते हैं।

रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा लक्ष्य

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के अनुसार, इस योजना के लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपये का बड़ा बजट निर्धारित किया है। इसका लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ नई नौकरियों का सृजन करना है।

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2025 से अब तक 63 लाख से अधिक युवा पहली बार औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जुड़े हैं। इनमें करीब 30 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जो महिला रोजगार भागीदारी बढ़ने का संकेत माना जा रहा है।

छोटे कारोबारों को मिल रहा सबसे ज्यादा सहारा

योजना के तहत लाभ लेने वाले अधिकांश संस्थान छोटे व्यवसाय हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, योजना के पार्ट-बी के तहत लाभ पाने वाले 80 प्रतिशत से अधिक प्रतिष्ठानों में 25 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं।

इससे स्पष्ट होता है कि सरकार केवल बड़े उद्योगों पर नहीं बल्कि छोटे उद्यमों को भी रोजगार सृजन की प्रक्रिया में मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। यही क्षेत्र देश में सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराता है।

शाम 5 बजे होगा बड़ा कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया है कि योजना से जुड़ा मुख्य कार्यक्रम शुक्रवार शाम 5 बजे आयोजित होगा। इस दौरान वह लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे और रोजगार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। देशभर के करीब 200 औद्योगिक क्लस्टरों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

सरकार का मानना है कि ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।