बाराबंकी-बहराइच फोरलेन हाईवे को मिली रफ्तार, अब लखनऊ से बहराइच सिर्फ 90 मिनट में पहुंचेंगे यात्री

बाराबंकी-बहराइच फोरलेन हाईवे को मिली रफ्तार, अब लखनऊ से बहराइच सिर्फ 90 मिनट में पहुंचेंगे यात्री

उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लखनऊ से बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल की ओर यात्रा करने वालों का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद बाराबंकी से बहराइच तक 102 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे के निर्माण की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। परियोजना शुरू होते ही पूर्वांचल और तराई क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अभी जहां लखनऊ से बहराइच पहुंचने में ढाई से तीन घंटे तक का समय लगता है, वहीं फोरलेन हाईवे बनने के बाद यह दूरी महज सवा घंटे से डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

7 हजार करोड़ की परियोजना से बदलेगी यात्रा की तस्वीर

बाराबंकी-बहराइच हाईवे फिलहाल दो लेन का है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव और लगातार बढ़ती आवाजाही को देखते हुए इसे चार लेन में विकसित करने का फैसला लिया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने इस परियोजना के लिए करीब 7,000 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को परियोजना का कार्य आवंटित किया गया है। यही कंपनी वर्तमान में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण से भी जुड़ी हुई है। अब निर्माण शुरू करने से पहले जरूरी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

किसान पथ से मिलेगा सीधा कनेक्शन

इस परियोजना की एक खास बात यह है कि लखनऊ के वाहन सफेदाबाद के पास किसान पथ से सीधे इस फोरलेन हाईवे पर प्रवेश कर सकेंगे। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा और लंबी दूरी के यात्रियों को बिना रुकावट बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार फोरलेन बनने के बाद कार, एसयूवी और अन्य हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी। वहीं ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति निर्धारित होगी।

प्रधानमंत्री कर सकते हैं शिलान्यास

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में तैयार हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाराबंकी-बहराइच फोरलेन परियोजना का भी शिलान्यास कर सकते हैं। इसी कार्यक्रम में कानपुर-कबरही ग्रीनफील्ड हाईवे की भी आधारशिला रखे जाने की संभावना जताई जा रही है।

लखनऊ में जलभराव से राहत की तैयारी

इसी बीच लखनऊ शहर में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम और जल निगम ने करीब 312.84 करोड़ रुपये की लागत से तीन बड़े आधुनिक नालों के निर्माण की योजना तैयार की है। इससे चिनहट, सरोजनीनगर, अमौसी, भरवारा, खरगापुर और कानपुर रोड समेत कई इलाकों को जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, बाराबंकी-बहराइच फोरलेन हाईवे और लखनऊ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में इसका सीधा लाभ यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को मिलेगा।