प्रयागराज में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। 8 अगस्त को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव का नतीजा बताया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे कितनी भी बाधाएं खड़ी की जाएं, राहुल गांधी तय कार्यक्रम के अनुसार प्रयागराज पहुंचेंगे और छात्रों से संवाद करेंगे। दूसरी ओर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि समझ नहीं आता कि सरकार आखिर किस बात से डर रही है।
अनुमति पहले मिली, फिर क्यों हुई रद्द? कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए संबंधित ट्रस्ट ने पहले ही अनुमति दे दी थी। अजय राय के मुताबिक 30 जुलाई को ट्रस्ट की ओर से औपचारिक मंजूरी दी गई थी और उस समय किसी प्रकार की आपत्ति या शर्त सामने नहीं रखी गई थी। ऐसे में अंतिम समय में अनुमति रद्द किया जाना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला स्वतंत्र रूप से नहीं बल्कि सरकारी दबाव में लिया गया है। कांग्रेस का दावा है कि यदि शुरुआत में कार्यक्रम के लिए सहमति दी जा चुकी थी, तो बाद में उसे रद्द करने का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया।
कोटा और देहरादून का हवाला देकर कांग्रेस ने साधा निशाना
अजय राय ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी के किसी कार्यक्रम को लेकर विवाद हुआ हो। उन्होंने राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी शुरुआत में कार्यक्रमों को लेकर अड़चनें पैदा की गई थीं। हालांकि बाद में प्रशासन को अनुमति देनी पड़ी थी।
कांग्रेस का मानना है कि प्रयागराज में भी छात्रों का समर्थन और जनदबाव बढ़ने पर प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि यदि पहले तय स्थान पर कार्यक्रम संभव नहीं है तो प्रशासन किसी अन्य स्थान की व्यवस्था उपलब्ध कराए।
‘राहुल गांधी हर हाल में प्रयागराज जाएंगे’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। उन्होंने कहा कि प्रयागराज देशभर के लाखों प्रतियोगी छात्रों का केंद्र है, जहां युवा अपने भविष्य की तैयारी करने आते हैं। ऐसे में छात्रों से संवाद का यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं से सीधे बातचीत का मंच है।
#WATCH | दिल्ली | प्रयागराज में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अनुमति निरस्त होने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “पता नहीं वे किस बात से डर रहे हैं।” pic.twitter.com/pVMmnRc7nU
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 6, 2026
अजय राय ने कहा कि प्रयागराज की पहचान संघर्ष, शिक्षा और युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी रही है। इसलिए कांग्रेस इस कार्यक्रम को हर हाल में आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज आएंगे और छात्रों के साथ संवाद करेंगे।
प्रियंका गांधी का सवाल- ‘आखिर डर किस बात का?’
कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने पर कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आता कि सरकार आखिर किस बात से डर रही है। उनका बयान सामने आने के बाद यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या फैसला लेता है। यदि वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है तो कार्यक्रम अपने तय समय पर हो सकता है। वहीं यदि अनुमति को लेकर गतिरोध बना रहता है तो यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर और गर्मा सकता है।
फिलहाल कांग्रेस अपने रुख पर कायम है और उसका दावा है कि राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाएगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।



