मशहूर शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक फैजल खान उर्फ खान सर को फिलहाल अदालत से राहत मिलती दिखाई दे रही है। पटना जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर लगी रोक को बरकरार रखा है। इस बीच पटना पुलिस ने मामले से जुड़ी केस डायरी अदालत में जमा कर दी है। अब इस पूरे प्रकरण पर अगली सुनवाई 25 जून को होगी। तब तक खान सर की गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी।
यह मामला 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर इलाके में हुई फायरिंग और कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद से जुड़ा है, जिसने बिहार के शिक्षा जगत में काफी चर्चा बटोरी थी। अदालत की अगली सुनवाई अब इस बात के लिए अहम मानी जा रही है कि जांच में सामने आए तथ्यों को कोर्ट किस नजरिए से देखता है।
2 जून की रात क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर हुई थी। आरोप है कि रिजल्ट का श्रेय लेने को लेकर पटना के दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों—खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु एकेडमी—के बीच तनाव बढ़ गया।
2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हंगामा, मारपीट और तोड़फोड़ की घटना सामने आई। इसके बाद माहौल और बिगड़ गया। इसी दौरान फायरिंग भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
फायरिंग के आरोप में खान सर के दो गार्ड—प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह—को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसी मामले में खान सर का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया था।
केस डायरी में क्या दर्ज किया गया?
पुलिस द्वारा अदालत में सौंपी गई केस डायरी में घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि मारपीट और तोड़फोड़ की घटना रात करीब 10:10 बजे हुई थी, जबकि फायरिंग लगभग 20 मिनट बाद यानी 10:30 बजे की गई।
इसी आधार पर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में यह उल्लेख किया है कि फायरिंग को तत्काल आत्मरक्षा (Self Defence) की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसियों का मानना है कि गोली चलाने का उद्देश्य दहशत फैलाना भी हो सकता है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष अदालत की सुनवाई और आगे की जांच के बाद ही सामने आएगा।
रौशन आनंद और खान सर के बीच कैसे बढ़ा विवाद?
इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई थीं। पहली एफआईआर में ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद और अन्य लोगों पर तोड़फोड़, पथराव और मारपीट के आरोप लगाए गए। इस मामले में रौशन आनंद को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
दूसरी एफआईआर में खान सर और उनके दोनों गार्डों को आरोपी बनाया गया। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान दोनों गार्डों ने दावा किया था कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर फायरिंग की थी। यही आरोप जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
25 जून की सुनवाई पर टिकी नजरें
फिलहाल अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक जारी रखी है और पुलिस की केस डायरी रिकॉर्ड पर ले ली है। अब 25 जून को होने वाली सुनवाई में कोर्ट जांच रिपोर्ट, पुलिस के तर्क और बचाव पक्ष की दलीलों को विस्तार से सुनेगा।
इस मामले पर न सिर्फ शिक्षा जगत बल्कि लाखों छात्रों की भी नजर है, क्योंकि खान सर देश के सबसे चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं। वहीं अदालत का अंतिम फैसला आने तक सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में हैं।



