उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आने पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ेगी और बहुजन समाज के लोगों के हितों को नुकसान पहुंचेगा। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
ओपी राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कुछ समर्थक सत्ता में वापसी की तैयारी कर रहे हैं और प्रदेश में अराजक माहौल बनाने की सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज अब पहले जैसा नहीं रहा और अपने अधिकारों, सम्मान तथा जमीन की रक्षा के लिए पूरी तरह जागरूक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में पिछड़े और वंचित समाज के लोगों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
राजभर ने अपने बयान में पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, निषाद, मांझी, दर्जी, तेली, लोनिया, फकीर और बंजारा समाज का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समुदायों को डराने और उनकी जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश की जाएगी, यदि समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए ओपी राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी 2017 में चुनाव हारी, 2022 में भी सत्ता से दूर रही और 2027 में भी जनता उसे पूरी तरह नकार देगी। हालांकि, उनके इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इससे पहले भी ओपी राजभर ने कन्नौज की सांसद निधि के खर्च को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विकास कार्यों में सभी वर्गों को समान प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।



