1 जुलाई से बदलेंगे रेलवे के नियम, ट्रेन में हंगामा और भीख मांगने पर होगी सख्त कार्रवाई

1 जुलाई से बदलेंगे रेलवे के नियम, ट्रेन में हंगामा और भीख मांगने पर होगी सख्त कार्रवाई

भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2026 से यात्रियों के लिए नए नियम लागू करने जा रहा है। जन विश्वास अधिनियम के तहत कई प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जिसमें जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है और कई मामलों में जेल की सजा को अंतिम विकल्प बनाया गया है। नए नियमों का उद्देश्य ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर अनुशासन बनाए रखना और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करना है।

नए नियमों के तहत बिना टिकट या वैध पास के यात्रा करने, पहले इस्तेमाल हो चुके टिकट का दोबारा उपयोग करने और दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक टिकट से यात्रा करने पर किराया, एक्सेस चार्ज और निर्धारित जुर्माना वसूला जाएगा। यदि यात्री भुगतान करने से इनकार करता है, तो मामला रेलवे कोर्ट में भेजा जाएगा, जहां छह महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

रेलवे ने शराब के नशे में ट्रेन में हंगामा करने वाले यात्रियों के खिलाफ भी सख्त प्रावधान किए हैं। ऐसे यात्रियों को ट्रेन से उतारा जा सकता है, उनका टिकट या पास जब्त किया जा सकता है और 24 घंटे तक की जेल, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा दी जा सकती है। सामुदायिक सेवा के तहत कोच की सफाई जैसे कार्य भी कराए जा सकते हैं।

बिना लाइसेंस ट्रेन या स्टेशन पर सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई कड़ी की गई है। पहली बार पकड़े जाने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न भरने की स्थिति में कोर्ट तीन महीने तक की जेल, 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा दे सकता है। चौथी बार या उससे अधिक बार पकड़े जाने पर एक साल तक की जेल और 5,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह के अनुसार, जन विश्वास अधिनियम के तहत किए गए इन संशोधनों का उद्देश्य अनावश्यक जेल की सजा कम करना और आर्थिक दंड को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने बताया कि संशोधित नियम 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगे।