मुंबई में हुई करीब 11 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का कनेक्शन अब उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से जुड़ गया है। जांच में सामने आया है कि साइबर ठगी की रकम से गोरखपुर के कई ज्वेलरी शोरूमों से सोने के आभूषण खरीदे गए। मामले का खुलासा होने के बाद मुंबई साइबर सेल और गोरखपुर पुलिस संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।
मामले की शुरुआत असुरन स्थित एक ज्वेलरी शोरूम के मैनेजर की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार, बिहार के गोपालगंज निवासी हितेश कुमार सिंह ने 4 से 11 जून के बीच छह किस्तों में करीब 49.92 लाख रुपये के सोने के आभूषण खरीदे। भुगतान अलग-अलग फर्मों और बैंक खातों से ऑनलाइन किया गया था।
मुंबई साइबर सेल की जांच में पता चला कि भुगतान के लिए इस्तेमाल की गई राशि साइबर ठगी से जुड़ी थी। इसके बाद 23 जून को गोरखपुर के शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच आगे बढ़ाई गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने देशभर में ठगी की रकम पहले फर्जी या किराये के बैंक खातों में ट्रांसफर की और फिर उसी पैसे से गोरखपुर के चार ज्वेलरी शोरूमों से करोड़ों रुपये के सोने के गहने खरीदे। पुलिस का मानना है कि इस तरीके से अवैध रकम को सोने के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई।
ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि उन्हें बैंकिंग माध्यम से भुगतान प्राप्त हुआ था और उन्होंने सामान्य कारोबारी प्रक्रिया के तहत आभूषण बेचे। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि भुगतान साइबर ठगी की रकम से किया गया है। कारोबारियों ने खुद को भी इस मामले का पीड़ित बताते हुए जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है।
मुंबई साइबर सेल इस मामले में बिहार के सीवान से दो संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने गहने लेने पहुंचे युवक के पिता को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मामले की प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर असुरन चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


