राम मंदिर ट्रस्ट पर फिर विवाद, चढ़ावे में कथित हेरफेर के आरोपों के बीच ज्योतिषीय दावों की भी चर्चा

राम मंदिर ट्रस्ट पर फिर विवाद, चढ़ावे में कथित हेरफेर के आरोपों के बीच ज्योतिषीय दावों की भी चर्चा

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर विवादों में है। वर्ष 2021 में भूमि खरीद को लेकर उठे सवालों के बाद अब वर्ष 2026 में मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित हेरफेर के आरोप सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। वहीं, इस प्रकरण में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है।

दरअसल, जून 2021 में ट्रस्ट पर कम कीमत की जमीन को अधिक कीमत पर खरीदने के आरोप लगे थे। उस समय देशभर में इस मामले को लेकर चर्चा हुई थी। बाद में ट्रस्ट की ओर से सफाई देते हुए कहा गया था कि भूमि खरीद की पूरी प्रक्रिया बैंकिंग माध्यम से हुई और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई। इसके बाद मामला शांत हो गया था।

अब जून 2026 में एक बार फिर ट्रस्ट पर चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितता के आरोप लगे हैं। इस मामले में एसआईटी जांच जारी है और पुलिस ने कुछ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया है। मामले ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।

इसी बीच ज्योतिषाचार्य पंडित आलोक दीक्षित ने ट्रस्ट की ग्रह दशा को लेकर अपना दावा किया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट की कुंडली में वर्तमान समय में राहु की महादशा और राहु का अंतर चल रहा है, जो 12 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। साथ ही आय भाव पर शनि की दृष्टि होने और शनि की साढ़ेसाती जैसे योगों के कारण वित्तीय विवाद और विश्वसनीयता से जुड़े प्रश्न सामने आ रहे हैं।

हालांकि, यह ज्योतिषीय विश्लेषण व्यक्तिगत आस्था और मान्यताओं पर आधारित दावा है। इसका किसी आधिकारिक जांच या कानूनी प्रक्रिया से संबंध नहीं है। चढ़ावे में कथित हेरफेर के मामले की वास्तविक स्थिति एसआईटी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।