उत्तर प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। देश के अन्य राज्यों में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश की घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीटों पर चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने अब तक कोई घोषणा नहीं की है।
इन तीनों सीटों में सबसे पहले घोसी विधानसभा सीट 20 नवंबर 2025 से खाली है। वहीं फरीदपुर से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल और दुद्धी से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह के जनवरी 2026 में निधन के बाद दोनों सीटें रिक्त हो गई थीं। इन रिक्तियों की सूचना भी जनवरी में ही चुनाव आयोग को भेज दी गई थी।
हालांकि, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत रिक्त सीटों पर सामान्य परिस्थितियों में छह महीने के भीतर उपचुनाव कराने का प्रावधान है, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी मतदान की तारीख घोषित नहीं की गई है।
क्यों हो रही है देरी?
जानकारों के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कारण उपचुनाव की प्रक्रिया प्रभावित हुई। यह अभियान अक्टूबर के अंत में शुरू हुआ था और इसे दो बार बढ़ाया गया। चुनाव आयोग ने 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी थी, लेकिन इसके बाद भी उपचुनाव की घोषणा नहीं हुई।
2027 विधानसभा चुनाव भी बने चर्चा का विषय
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि उत्तर प्रदेश समेत पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर के विधानसभा चुनाव निर्धारित समय से पहले कराए जा सकते हैं। इसकी एक वजह 2027 में होने वाली जनगणना का दूसरा चरण माना जा रहा है, जो फरवरी 2027 में शुरू होने की संभावना है। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम और जनगणना के बीच टकराव से बचने के लिए चुनाव कार्यक्रम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल, उत्तर प्रदेश की तीनों रिक्त विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों को लेकर राजनीतिक दलों और मतदाताओं की नजरें चुनाव आयोग के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।


