राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, दानराशि की गिनती में कई SOP का नहीं हुआ पालन

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, दानराशि की गिनती में कई SOP का नहीं हुआ पालन

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में दानराशि की गिनती के दौरान कई महत्वपूर्ण मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस पहले ही आठ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर चुकी है।

SIT रिपोर्ट में क्या सामने आया?

SIT के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपनी संयुक्त जिम्मेदारियों का पूरी तरह पालन करने में विफल रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि दानपात्र से निकली नकदी को तय अंतराल पर बैंक में जमा करने, गिनती प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और नोट गिनने वाली मशीनों की नियमित जांच जैसे कई प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अनावश्यक नकदी लंबे समय तक सुरक्षित रखी गई, जबकि SOP के अनुसार इसकी समय-समय पर समीक्षा और शीघ्र बैंक जमा सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। गिनती कार्य में लगे कर्मचारियों की नियुक्ति, रिकॉर्ड संधारण और SBI अधिकारियों के मासिक रोटेशन के नियमों का भी पालन नहीं होने की बात सामने आई है।

ट्रस्ट और बैंक की जिम्मेदारियां

SOP के अनुसार, चढ़ावे की राशि की पारदर्शी गिनती, नकद जमा पर्चियों और रजिस्टरों का सत्यापन, कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना ट्रस्ट की जिम्मेदारी है। वहीं, दानपेटी को नामित अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति में खोलना, पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखना और गिनती कक्ष का संचालन बैंक और ट्रस्ट दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

सुरक्षा व्यवस्था में भी लापरवाही

रिपोर्ट के मुताबिक, गिनती कक्ष में प्रवेश और निकास के दौरान सुरक्षा जांच, गेस्ट रजिस्टर में रिकॉर्ड दर्ज करना और बिना अनुमति किसी को प्रवेश न देने जैसे सुरक्षा प्रावधानों का भी प्रभावी ढंग से पालन नहीं हुआ। गिनती कक्ष में सोना-चांदी पहनकर प्रवेश, खाद्य सामग्री ले जाना तथा तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद निगरानी व्यवस्था में कमी की आशंका जताई गई है।

दानराशि गिनने की निर्धारित प्रक्रिया

SOP के अनुसार दानपेटी खोलने के बाद राशि को चिन्हित बॉक्स में सुरक्षित रखना, क्रमवार गिनती करना, नकदी का मिलान करना, फटे नोट अलग करना, सिक्कों की मशीन से गिनती करना और दान में मिली अन्य वस्तुओं का अलग रिकॉर्ड तैयार करना अनिवार्य है। SIT का संकेत है कि इन प्रक्रियाओं का भी पूरी तरह पालन नहीं किया गया।

नोट: SIT की यह प्रारंभिक रिपोर्ट है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।