यूपी कैबिनेट की मंजूरी: कानपुर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय, युवाओं और किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

यूपी कैबिनेट की मंजूरी: कानपुर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय, युवाओं और किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह विश्वविद्यालय कानपुर के बिल्हौर में स्थापित होगा और कृषि शिक्षा, अनुसंधान, जैविक खेती तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महर्षि महेश योगी के जैविक खेती के विजन को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को भी मजबूती देगा।

किसानों और युवाओं को होगा फायदा

संस्थान के उपाध्यक्ष राहुल भारद्वाज ने बताया कि विश्वविद्यालय के माध्यम से किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक, वैज्ञानिक शोध और प्राकृतिक एवं जैविक खेती की आधुनिक पद्धतियां पहुंचाई जाएंगी। वहीं, गवर्निंग बॉडी के सदस्य पंकज शर्मा ने कहा कि यह संस्थान कृषि शिक्षा और अनुसंधान का उत्कृष्ट केंद्र बनकर युवाओं को नए अवसर प्रदान करेगा और प्रदेश के कृषि विकास को नई दिशा देगा।

अन्य विश्वविद्यालयों को भी मिली मंजूरी

यूपी कैबिनेट ने महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अलावा गाजियाबाद स्थित अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय और फतेहपुर स्थित ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय समेत तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा रायबरेली में एक बागवानी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई है। इसके लिए 20 हेक्टेयर भूमिआवंटित की गई है और 50 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है।

28 प्रस्तावों पर लगी मुहर

हाल ही में हुई यूपी कैबिनेट बैठक में कुल 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें स्टार्टअप मिशन निदेशालय की स्थापना, नई स्टार्टअप नीति, डेटा सेंटर नीति को मंजूरी और शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है।