उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बिजनौर दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ-साथ विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में सीएम योगी ने बिजनौर को लेकर पहले की सरकारों पर निशाना साधा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी कई राजनीतिक कटाक्ष किए। उनके बयान अब प्रदेश की सियासत में नई बहस का विषय बन गए हैं।
‘बिजनौर को अपशकुन मानते थे, इसलिए नहीं आते थे CM’
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बिजनौर में मुख्यमंत्री आने से बचते थे। उनके मुताबिक, उस समय यह धारणा बना दी गई थी कि बिजनौर आने से मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाती है।
योगी ने इस सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस भूमि का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा हो और जहां मां गंगा का आशीर्वाद हो, उसे अपशकुनी कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि समस्या बिजनौर में नहीं थी, बल्कि उन सरकारों में थी जिन्होंने जिले के विकास को प्राथमिकता नहीं दी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वह पिछले नौ वर्षों में नौ बार बिजनौर आ चुके हैं।
अखिलेश यादव पर तंज, बोले- ‘जनता के लिए समय ही नहीं था’
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग बिजनौर को अपशकुन बताते थे, वे जनता के बीच कम और अपनी दिनचर्या में ज्यादा व्यस्त रहते थे।
योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे नेताओं के पास विकास कार्यों के लिए समय नहीं था। इसी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में अपेक्षित गति से विकास नहीं हो पाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने प्रदेश के हर क्षेत्र तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।
‘यह जिन्ना का नहीं, गन्ना का क्षेत्र है’
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर की पहचान गन्ना किसानों और कृषि से है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “यह जिन्ना का नहीं, गन्ना का क्षेत्र है।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों और कानून-व्यवस्था दोनों मोर्चों पर काम किया है तथा प्रदेश में माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश पहले आर्थिक विकास की दौड़ में काफी पीछे था, लेकिन अब देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन चुका है और आने वाले समय में शीर्ष स्थान हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कांग्रेस और विपक्ष पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में देश के विभाजन के मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विभाजन का सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों ने उठाया और इसका असर आज भी दिखाई देता है। उन्होंने बांग्लादेश में दलितों और अन्य समुदायों की स्थिति का भी जिक्र किया।
इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कुछ नेताओं पर जाति आधारित राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम लेते हैं, लेकिन उनकी राजनीति समाज को बांटने वाली होती है। उन्होंने लोगों से ऐसी राजनीति से सावधान रहने की अपील भी की।
बिजनौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का फोकस एक तरफ विकास परियोजनाओं को जनता के सामने रखने पर रहा, तो दूसरी तरफ उन्होंने अपने भाषण के जरिए विपक्ष पर भी राजनीतिक हमला बोला। उनके इन बयानों को लेकर अब प्रदेश की राजनीति में नई प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।



