उत्तर प्रदेश के गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने हनुमानगढ़ी को लेकर चल रही चर्चाओं पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई और इस तरह की बातें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के निर्माण में एक मुस्लिम व्यक्ति का योगदान रहा था, जिसका उल्लेख आज भी वहां लगे शिलालेख में दर्ज है। हालांकि, उन्होंने उस व्यक्ति का नाम याद न होने की बात भी कही। पूर्व सांसद के इन बयानों के बाद हनुमानगढ़ी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
‘हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई’
गोंडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी से जुड़े बयान का जिक्र करते हुए कहा कि हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने का दावा सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, उन्हें मंदिर के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। बृजभूषण सिंह के मुताबिक, मंदिर के निर्माण में एक मुस्लिम समाज के व्यक्ति का योगदान था। उन्होंने कहा कि बाराबंकी के एक मुस्लिम ने इसके निर्माण में सहयोग किया था और इसका उल्लेख वहां लगे पत्थर पर भी मौजूद है। हालांकि, उन्होंने उस व्यक्ति का नाम याद नहीं होने की बात कही।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले- PM मोदी और CM योगी का कोई संबंध नहीं
पूर्व सांसद ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जोड़ना उचित नहीं है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा दिए गए बयान पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा और आरोपों को लेकर संयम बरतना चाहिए। उनके मुताबिक, बिना तथ्यों के किसी पर जिम्मेदारी डालना सही परंपरा नहीं मानी जा सकती।
सोनम वांगचुक और विवादित बयानों पर भी दी प्रतिक्रिया
बृजभूषण शरण सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर अनशन किया जा रहा है, वे सरकार के संज्ञान में हैं। ऐसे में अब सरकार के फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए।
वहीं, मौलाना जर्जिस के बयान और श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर कारसेवा संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जो समाज में तनाव बढ़ाएं। उनके अनुसार, आजकल एक-दूसरे को उकसाने वाले बयान देने की प्रवृत्ति बढ़ गई है, जो स्वस्थ लोकतांत्रिक माहौल के लिए ठीक नहीं है।
जौहर यूनिवर्सिटी पर बोले- अवैध निर्माण हुआ तो होगी कार्रवाई
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के सवाल पर भी पूर्व सांसद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि परिसर के कुछ निर्माण अवैध बताए जा रहे हैं। यदि जांच में यह सही पाया जाता है, तो प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा।
बृजभूषण शरण सिंह शुक्रवार को गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छपिया, वजीरगंज, मनकापुर और नवाबगंज ब्लॉक के हजारों मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी, जिनमें हनुमानगढ़ी, राम मंदिर, सोनम वांगचुक और जौहर यूनिवर्सिटी जैसे विषय प्रमुख रहे।



