दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजनीतिक माहौल उस समय और गरमा गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हो गया। प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस और आरपीएफ (RPF) के जवानों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।
अनुमति नहीं थी, फिर भी संसद की ओर बढ़ी भीड़
कॉकरोच जनता पार्टी ने पहले से 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का ऐलान किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पर जुट गए और संसद की ओर कूच करने लगे।
पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने और रोकने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही तो हालात तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया। मौके पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।
कई विपक्षी नेता और चर्चित चेहरे भी पहुंचे प्रदर्शन में
इस विरोध प्रदर्शन में कई राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जंतर-मंतर पहुंचे। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके अलावा अभिनेता प्रकाश राज और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
प्रदर्शन के दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह युवाओं के साथ हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने आए हैं। उनका कहना था कि सरकार और प्रशासन अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन एक जनप्रतिनिधि होने के नाते वह युवाओं की पीड़ा को सामने लाने और उनके साथ खड़े रहने के लिए इस आंदोलन का हिस्सा बने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं हो रही।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। नई दिल्ली क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई थी। इसके साथ ही किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ समेत पांच मेट्रो स्टेशनों की एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी। इसका असर उन लोगों पर भी पड़ा, जो रोजमर्रा के काम से इन इलाकों में आते-जाते हैं।
पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से पेपर लीक और युवा बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लगातार परीक्षा पत्र लीक होने की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका यह भी कहना है कि इन मामलों में जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग भी दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और इन मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
फिलहाल, जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा कड़ी कर दी गई है। संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन आगे भी चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।



