राम मंदिर VIP दर्शन पास पर संकट, 1500 की क्षमता के बावजूद 150 भी नहीं हो रहे जारी

राम मंदिर VIP दर्शन पास पर संकट, 1500 की क्षमता के बावजूद 150 भी नहीं हो रहे जारी

अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट में हालिया प्रशासनिक बदलाव के बाद रामलला के VIP और सुगम दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था प्रभावित होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि एक दिन में करीब 1,500 VIP पास जारी किए जा सकते हैं, लेकिन फिलहाल 150 से भी कम पास जारी हो पा रहे हैं। इससे कई श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रस्ट में बदलाव के बाद प्रभावित हुई व्यवस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर में दान चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और निर्माण प्रभारी गोपाल राव के प्रबंधन से अलग होने के बाद VIP पास जारी करने की पुरानी व्यवस्था ठप पड़ गई। इन पदाधिकारियों की आईडी निष्क्रिय होने के कारण उनके माध्यम से पास जारी नहीं किए जा रहे हैं।

1,500 की क्षमता, लेकिन 150 भी नहीं हो रहे जारी

जानकारी के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन लगभग 1,500 विशिष्ट एवं सुगम दर्शन पास जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, नई व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं होने के कारण फिलहाल यह संख्या 150 तक भी नहीं पहुंच रही है। इससे कई VIP श्रद्धालुओं को बार-बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए सुविधा जारी

राम मंदिर प्रशासन की ओर से 65 वर्ष से अधिक उम्र के श्रद्धालुओं और उनके एक सहयोगी के लिए तत्काल पास की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध है। वहीं, गोद में छोटे बच्चे होने पर माता-पिता को भी तत्काल दर्शन पास दिया जा रहा है।

सामान्य दर्शन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया

सामान्य दर्शन के इच्छुक श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्वयं पास बनाना होता है। इसके लिए सभी श्रद्धालुओं की पहचान संबंधी जानकारी और फोटो अपलोड करनी पड़ती है। नियमों के मुताबिक, एक बार सामान्य दर्शन पास बनने के बाद अगले 72 घंटे तक उसी व्यक्ति के नाम से नया पास जारी नहीं किया जाता।

नए ट्रस्टियों की आईडी अभी नहीं बनी

पास व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, नए महासचिव कृष्ण मोहन समेत किसी भी नए ट्रस्टी की आधिकारिक आईडी अभी तक सक्रिय नहीं की गई है। नया आदेश जारी होने और सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद ही नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो सकेगी। फिलहाल केवल अधिकृत सुरक्षा एजेंसियों और सीमित प्रशासनिक रेफरेंस के आधार पर ही VIP पास जारी किए जा रहे हैं।