बांग्लादेश की चेतावनी के अगले ही दिन भारत का बड़ा बयान, शेख हसीना के संबोधन से सरकार ने बनाई दूरी

बांग्लादेश की चेतावनी के अगले ही दिन भारत का बड़ा बयान, शेख हसीना के संबोधन से सरकार ने बनाई दूरी

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के बीच एक नया कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। बांग्लादेश द्वारा शेख हसीना के भारत से प्रस्तावित संबोधन पर आपत्ति जताने के एक दिन बाद भारत सरकार ने साफ किया कि इस कार्यक्रम से उसका कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह आयोजन एक निजी संस्था की ओर से किया जा रहा है और सरकार न तो इसमें शामिल है और न ही इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन करती है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं और शेख हसीना की गतिविधियां लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा, क्यों अहम है यह बयान?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि शेख हसीना का प्रस्तावित मीडिया संवाद किसी निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है। सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में व्यक्त किए जाने वाले विचारों का समर्थन भारत सरकार नहीं करती।

हालांकि विदेश मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि कार्यक्रम को रोका जाएगा या नहीं। यही वजह है कि इस बयान के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या निजी मंच पर दिया गया राजनीतिक संबोधन भारत की उस घोषित नीति के दायरे से बाहर माना जाएगा, जिसमें कहा गया था कि भारतीय भूमि का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।

बांग्लादेश ने जताई थी चिंता, रिश्तों पर असर की आशंका

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब बांग्लादेश ने भारत के समक्ष अपनी चिंता दर्ज कराई। ढाका के अनुसार, प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात कर आग्रह किया कि शेख हसीना और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोगों को भारत की धरती से राजनीतिक गतिविधियां करने की अनुमति न दी जाए।

बांग्लादेश का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम दोनों देशों के बीच हाल के समय में बेहतर हुए संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि भारत ने इस पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की और केवल इतना कहा कि कार्यक्रम निजी स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

BRICS निमंत्रण और हसीना विवाद साथ-साथ चर्चा में

इसी प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में BIMSTEC के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह पुष्टि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बांग्लादेश पहले ही इस निमंत्रण की जानकारी सार्वजनिक कर चुका था, लेकिन भारत ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी।

इस बीच, शेख हसीना का प्रस्तावित कार्यक्रम 5 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित होना है। इसका आयोजन फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, शेख हसीना वर्चुअल माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मीडिया को संबोधित करेंगी और बांग्लादेश लौटने की अपनी योजना तथा भविष्य के राजनीतिक विजन पर बात रखेंगी। उनके साथ कई पूर्व मंत्री और अवामी लीग के अन्य नेता भी कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर टिकी रहेगी नजर

शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार लगातार यह मांग करती रही है कि उन्हें भारत से राजनीतिक गतिविधियां करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। साथ ही उनके प्रत्यर्पण की मांग भी भारत के समक्ष रखी गई है, जिस पर भारत ने कहा है कि मामला लागू कानून और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार विचाराधीन है।

ऐसे में भारत का ताजा बयान यह संकेत देता है कि सरकार आधिकारिक तौर पर इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखना चाहती है, लेकिन कार्यक्रम के आयोजन को लेकर कोई स्पष्ट रोक भी सामने नहीं आई है। अब दोनों देशों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्तावित संबोधन के बाद द्विपक्षीय संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।