CWC बैठक में नीतीश कुमार पर गरमाई चर्चा, सोनिया गांधी ने कथित तौर पर कहा- ‘वह INDIA ब्लॉक से निकलने का रास्ता तलाश रहे थे’

CWC बैठक में नीतीश कुमार पर गरमाई चर्चा, सोनिया गांधी ने कथित तौर पर कहा- ‘वह INDIA ब्लॉक से निकलने का रास्ता तलाश रहे थे’

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक से जुड़ी एक कथित अंदरूनी चर्चा ने बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में INDIA ब्लॉक और नीतीश कुमार के गठबंधन से अलग होने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसी दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार को लेकर कथित तौर पर बेहद सख्त टिप्पणी की। रिपोर्ट में उनके हवाले से उन्हें ‘गद्दार’ कहे जाने का दावा किया गया है। हालांकि, यह बातचीत सार्वजनिक रूप से सामने आई आधिकारिक कार्यवाही का हिस्सा नहीं है और उपलब्ध जानकारी सूत्रों के हवाले से है।

बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कथित तौर पर गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि नीतीश कुमार को INDIA ब्लॉक से बाहर नहीं जाने देना चाहिए था। उनका तर्क था कि अगर नीतीश गठबंधन में बने रहते तो देश का राजनीतिक माहौल अलग हो सकता था।

दिग्विजय सिंह की टिप्पणी के बाद क्या हुआ?

रिपोर्ट के मुताबिक, दिग्विजय सिंह की टिप्पणी के बाद सोनिया गांधी ने इस चर्चा में हस्तक्षेप किया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि नीतीश कुमार काफी समय से INDIA ब्लॉक से बाहर निकलने के रास्ते तलाश रहे थे।

सोनिया गांधी के कथित बयान में यह भी कहा गया कि नीतीश का गठबंधन से अलग होना अचानक लिया गया फैसला नहीं था। उनके मुताबिक, नीतीश काफी समय से इससे बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये बातें सूत्रों के हवाले से सामने आई हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में CWC की बैठक की पूरी बातचीत या सोनिया गांधी की इन कथित टिप्पणियों का आधिकारिक ट्रांसक्रिप्ट सामने नहीं है।

खरगे ने भी नीतीश को लेकर क्या कहा?

रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बैठक में नीतीश कुमार को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह इस विषय पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करना चाहते थे, लेकिन उनके मुताबिक नीतीश कुमार INDIA ब्लॉक से अलग होने का रास्ता तलाश रहे थे।

खरगे के हवाले से यह भी कहा गया कि INDIA ब्लॉक का संयोजक बनने की नीतीश कुमार की कोशिश को कांग्रेस नेतृत्व अलग नजरिए से देखता था।

रिपोर्ट में खरगे के हवाले से यह दावा भी किया गया है कि नीतीश कुमार ने उनसे व्यक्तिगत बातचीत में बिहार की राजनीति तक सीमित रहने और राष्ट्रीय स्तर पर INDIA ब्लॉक को बाहर से समर्थन देने की बात कही थी। हालांकि, खरगे के अनुसार बाद में नीतीश की राजनीतिक दिशा अलग रही।

नीतीश कुमार और INDIA ब्लॉक के बीच क्या था विवाद?

नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति के महत्वपूर्ण नेताओं में रहे हैं और अलग-अलग समय पर अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों का हिस्सा रहे हैं। INDIA ब्लॉक के गठन के दौर में उनकी भूमिका भी चर्चा में रही थी।

लेकिन गठबंधन की राजनीति में समय के साथ समीकरण बदले। नीतीश कुमार के गठबंधन से अलग होने के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के बीच इस फैसले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक आकलन सामने आते रहे हैं।

CWC की कथित बातचीत इसी पुराने राजनीतिक घटनाक्रम को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आई है। कांग्रेस के भीतर इस बात पर चर्चा हुई कि नीतीश कुमार को गठबंधन में बनाए रखने की कोशिश किस स्तर तक की जानी चाहिए थी और उनके अलग होने का विपक्षी राजनीति पर क्या असर पड़ा।

बिहार की राजनीति पर भी पड़ सकता है असर

नीतीश कुमार को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की कथित टिप्पणियां सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में भी इसकी चर्चा होना स्वाभाविक है। जनता दल (यूनाइटेड) और कांग्रेस अलग-अलग राजनीतिक खेमों में होने के कारण इस तरह की टिप्पणियों का राजनीतिक महत्व बढ़ जाता है।

हालांकि, अभी इस कथित बातचीत के आधार पर किसी नए गठबंधन या राजनीतिक फैसले का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि CWC की बैठक में हुई बताई जा रही बातचीत का यह विवरण सूत्रों पर आधारित है, इसलिए इसे आधिकारिक कांग्रेस बयान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

फिलहाल इस खबर का सबसे बड़ा पहलू यही है कि कांग्रेस के भीतर INDIA ब्लॉक के पुराने घटनाक्रम और नीतीश कुमार के गठबंधन से अलग होने को लेकर चर्चा अभी भी राजनीतिक महत्व रखती है। आने वाले दिनों में अगर कांग्रेस या जेडीयू की ओर से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।