‘इनकी जूठन खाने की आदत है’… राहुल गांधी पर बृजभूषण का बड़ा हमला, छात्र संवाद को लेकर कही तीखी बात

‘इनकी जूठन खाने की आदत है’… राहुल गांधी पर बृजभूषण का बड़ा हमला, छात्र संवाद को लेकर कही तीखी बात

प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कार्यक्रम को अनुमति मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। हालांकि उन्होंने छात्रों से संवाद करने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन साथ ही कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर काफी देर से सक्रिय हुई है। उन्होंने पेपर लीक और छात्रों से जुड़े आंदोलनों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनके बयान ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।

‘एक-दो साल पहले करते तो बात अलग होती’

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि छात्रों के बीच जाना और उनकी समस्याएं सुनना अच्छी पहल है, लेकिन राहुल गांधी को यह कदम काफी पहले उठा लेना चाहिए था। उनके मुताबिक, जिन मुद्दों को लेकर अब संवाद किया जा रहा है, वे लंबे समय से मौजूद थे और उस समय कांग्रेस ने प्रभावी तरीके से आवाज नहीं उठाई।

उन्होंने कहा कि छात्रों के सामने सबसे बड़ा मुद्दा पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का था। उनका दावा है कि इस पूरे मुद्दे को दूसरे संगठनों और आंदोलनों ने पहले ही प्रमुखता से उठाया, जबकि कांग्रेस बाद में सक्रिय हुई।

पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर कांग्रेस को घेरा

बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि लोकसभा के भीतर भी कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी या कांग्रेस ने संसद में पेपर लीक जैसे मामलों पर कोई बड़ा विमर्श या ठोस पहल की थी।

बृजभूषण ने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर कार्रवाई की और कई फैसले लिए। उनके मुताबिक, अब जब अधिकांश मुद्दों पर कदम उठाए जा चुके हैं, तब कांग्रेस का छात्र संवाद अभियान शुरू करना राजनीतिक रूप से देर से लिया गया फैसला लगता है। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि “इनकी जूठन खाने की आदत है”, जो अब राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया है।

पुराने विवाद पर भी दिया अपना पक्ष

अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने अपने खिलाफ लगे महिला पहलवानों के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि वह उस समय दबाव में झुक जाते तो विवाद शायद समाप्त हो जाता, लेकिन इससे उनके चरित्र पर स्थायी सवाल खड़े हो जाते।

उन्होंने दोहराया कि उनके खिलाफ लगाए गए यौन शोषण के आरोप सही नहीं हैं और उन्होंने किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। उनका कहना था कि पूरे मामले में उनके खिलाफ बड़े स्तर पर राजनीतिक माहौल बनाया गया। साथ ही उन्होंने महिला पहलवानों द्वारा चलाए गए आंदोलन और अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर भी अपनी असहमति जताई।

राजनीति में बयानबाजी तेज, छात्र फिर बने केंद्र में

राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे और छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस इसे छात्रों की आवाज सुनने की पहल बता रही है, जबकि बीजेपी इसे देर से उठाया गया राजनीतिक कदम करार दे रही है।

फिलहाल यह साफ है कि छात्र, रोजगार, भर्ती परीक्षाएं और पेपर लीक जैसे मुद्दे आने वाले समय में भी उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में बने रहेंगे। राहुल गांधी का कार्यक्रम और उस पर बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाएं इसी राजनीतिक मुकाबले को और तेज करती दिखाई दे रही हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।